March 2, 2026

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नैनीताल में एक और ब्रिटिशकालीन कोठी आग की भेंट चढ़ी, बाल-बाल बचे निवासरत लोग; क्षेत्र में मचा हड़कंप

Another British-era mansion in Nainital gutted in fire

नैनीताल नगर में रविवार को एक और ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन कोठी भीषण आग की भेंट चढ़ गई। गनीमत रही कि घटना के समय इमारत के अंदर कोई मौजूद नहीं था जिससे बड़ी जनहानि बच गई। लेकिन हेरिटेज इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। अग्निकांड में लाखों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अग्निशमन विभाग आग लगने के कारणों का पता लगाने में लगा है

रविवार को सात नंबर क्षेत्र स्थित ब्रिटिशकालीन ग्लैनमोर कोठी में आग लग गई। अंग्रेजों के जाने के बाद इस कोठी में शहर के कई लोग रह रहे थे। बीते चार दशक से ललित तिवारी व उनकी पत्नी चंद्रा तिवारी यहां निवासरत थे। बीते दिनों दोनों अपने बेटे से मिलने के लिए गुरुग्राम गए हुए थे। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह घर के समीप पहुंचे ही थे कि क्षेत्रवासियों ने उन्हें घर से धुआं निकलने की सूचना दी। आनन फानन में ललित तिवारी घर पहुंचे तो घर के अंदर से धुआं निकल रहा था। उन्होंने घर का कमरा खोला तो अंदर आग की लपटें उठ रही थी। इस बीच क्षेत्र में धुआं उठता देख लोगों का जमावड़ा लग गया। लोगों ने घर में रखा बिस्तर, गैस सिलिंडर व कुछ और अन्य सामान बाहर निकाला। लेकिन तेज हवा के चलते आग ने बढ़ गई और देखते ही देखते भीषण आग ने कोठी को चपेट में ले लिया। सूचना पर दमकल विभाग के साथ ही पुलिस व एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दमकल की ओर से तीन फायर टेंडर से आग में पानी की बौछार की लेकिन तब तक भवन जलकर राख हो गया। मगर लोगों ने आग को अन्य भवनों में फैलने से रोक दिया। घटना के दौरान मौके पर अफरा तफरी मची रही।

एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आग समीपवर्ती आबादी क्षेत्र तक न पहुंचे इसके लिए आग को फैलने से रोका गया। भवन के अंदर सुलग रही लकड़ियों को बुझा दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम नुकसान के आंकलन में जुटी हुई है। आग लगने के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में स्थित ओल्ड लंदन हाउस में बीते 27 अगस्त को अग्निकांड के चलते 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद वहां दोबारा आग लगने की भी घटना हुई। बाद में नौ दिसंबर को मल्लीताल चीना बाबा चौराहा स्थित दो मंजिला भवन में भीषण आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से 15 कमरे जल गए थे।

क्षेत्र में फायर हाईड्रेंट व लाइन में पानी नहीं होने से बढ़ी परेशानियां

मल्लीताल ग्लैनमोर कोठी में आग लगने के बाद लोगों ने आग बुझाने के लिए पानी के नलों को झांका तो उनमें पानी नहीं मिला। ना ही घटनास्थल के समीप फायर हाइड्रेंट मिला। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग के पांच फायर टेंडर भी क्षेत्र में रवाना हुए, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते बड़े फायर टेंडर बमुश्किल मौके तक पहुंच पाए जिसके बाद लोगों व दमकल की टीम ने राहत की सांस ली। लेकिन आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि फायर टेंडर से आग पर कोई असर नहीं पड़ा। दमकल की कोशिशों के बाद आग तो बुझ गई लेकिन पूरी कोठी जलकर राख हो गई।

छत तोड़ी तो आग अन्य कमरों में फैलने से बची

नैनीताल। भवन में आग लगते ही क्षेत्रवासी मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। इस बीच आग भवन के बाहर की ओर से आउट हाउस की ओर भी बढ़ने लगी तो आबादी क्षेत्र होने के कारण लोगों में खलबली मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग लगे भवन व आउट हाउस के बीच निर्मित छत को तोड़कर आग को फैलने से रोक लिया जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।