गोरखपुर में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा! गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर जंगल कौड़िया जीरो पॉइंट के पास रविवार (1 फरवरी 2026) सुबह करीब 9 बजे एक भीषण दुर्घटना में ऑटो (टेम्पो) दो ट्रेलरों के बीच बुरी तरह दब गया, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की भयावहता देख मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे—दो परिवारों की खुशियां एक पल में उजड़ गईं।
हादसे का विवरण:
- स्थान: जंगल कौड़िया जीरो पॉइंट (गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर), जहां बालू/मोरंग लदे ट्रेलर अक्सर खड़े रहते हैं और सड़क संकरी हो जाती है।
- कारण: तेज रफ्तार खाली ट्रेलर ने ऑटो को टक्कर मारी। एक ट्रेलर खड़ा था, दूसरा गुजर रहा था—बीच में फंसा ऑटो परखच्चे उड़ गए। कुछ रिपोर्ट्स में घने कोहरे (dense fog) का भी जिक्र है, जिसने दृश्यता कम कर दी। चालकों ने गति पर नियंत्रण नहीं रखा और संकरी सड़क व आसपास के वाहनों का अंदाजा नहीं लगाया।
- मृतक:
- श्रीकांत प्रसाद (ऑटो चालक, 35 वर्ष, तुर्कवलिया निवासी)—दो बेटियों और दो बेटों के पिता, परिवार का एकमात्र कमाने वाला।
- प्रीतम पासवान (युवती, कंपनी में नौकरी करती थीं, विवाह नहीं हुआ था)—उनकी बड़ी बहन शिक्षिका हैं, छोटा भाई नाबालिग।
- घायल: नरसिंह (गंभीर हालत में अस्पताल में)।
- नोट: कुछ रिपोर्ट्स (जैसे UNI) में 3 मौतों का जिक्र है, लेकिन ज्यादातर स्रोतों (TOI, दैनिक भास्कर, जगरण) में 2 मौतें और 3 घायल बताए गए हैं।
रेस्क्यू और जाम:
- हादसे के बाद यातायात कई घंटे बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन और JCB मंगाई, लेकिन रेस्क्यू के दौरान एक क्रेन पलट गई, जिससे स्थिति और बिगड़ी। दोपहर करीब 1 बजे यातायात बहाल हुआ।
- स्थानीय लोग चीख-पुकार सुनकर दौड़े, लेकिन तब तक दो लोगों की जान जा चुकी थी।
समस्या की जड़:
- जीरो पॉइंट पर आए दिन हादसे होते हैं—ट्रेलर खड़े रहते हैं, मजदूर बालू बिखेरते हैं, ठेले-दुकानों का अतिक्रमण सड़क संकरी करता है। रात में भारी वाहनों की आवाजाही और खतरनाक हो जाती है।
- स्थानीय निवासियों ने एनएचएआई और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने, अतिक्रमण हटाने और वाहनों के अनावश्यक खड़े होने पर रोक की मांग की है।
- एसपी साउथ दिनेश पुरी ने कहा: “अगर चालकों ने गति नियंत्रित रखी होती, तो हादसा टाला जा सकता था।”
- परियोजना निदेशक एनएचएआई ललित प्रताप पाल: सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया, अतिक्रमण फिर हटाया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ओवरस्पीडिंग और अतिक्रमण की समस्या को उजागर करता है। गोरखपुर के इस हाईवे पर ऐसी घटनाएं आम हैं—प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने होंगे ताकि और परिवार उजड़ने से बचें।
(स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया, दैनिक भास्कर, जगरण, UNI और अन्य स्थानीय रिपोर्ट्स, 2 फरवरी 2026 अपडेट्स के आधार पर।)

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