February 4, 2026

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यूपी में SIR प्रक्रिया: नेपाल से बहू बनकर आईं महिलाएं वोटर नहीं बन पाएंगी, नागरिकता के बिना वोटिंग अधिकार नहीं

आज 3 फरवरी 2026 को  में प्रकाशित खबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान नेपाल मूल की उन महिलाओं के लिए चुनौती खड़ी हो गई है, जो भारतीय पुरुषों से शादी करके यहां बस गई हैं। ये महिलाएं वैध निवासी तो हैं, लेकिन भारतीय नागरिक नहीं होने के कारण मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं करवा पा रही हैं और वोट देने का अधिकार नहीं मिल रहा है।

मुख्य बातें

  • नेपाल-भारत रिश्ता: भारत और नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का गहरा संबंध है। सीमावर्ती जिलों जैसे सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत आदि में नेपाल की कई लड़कियां शादी के बाद भारत में बस जाती हैं।
  • वोटर बनने की शर्त: चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। सिर्फ निवासी होना काफी नहीं।
  • नागरिकता कैसे मिलती है?: नेपाल से आईं महिलाओं को भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 5(1)(c) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए:
    • शादी के बाद कम से कम 7 साल लगातार भारत में रहना जरूरी।
    • विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र।
    • निवास का पक्का प्रमाण (आवासीय दस्तावेज)।
    • प्रक्रिया जिलाधिकारी → राज्य गृह विभाग → केंद्र गृह मंत्रालय के माध्यम से पूरी होती है।
  • बच्चों का स्टेटस: ऐसे दंपतियों के बच्चे (भारत में जन्मे) भारतीय नागरिक माने जाते हैं और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकता है, बशर्ते अन्य नियम पूरे हों।
  • पुराने नियम vs अब: पहले कई मामलों में पति के आधार पर नाम जुड़ जाता था, लेकिन SIR में 2003 की वोटर लिस्ट और पैरेंट्स/पति के डिटेल्स की सख्त जांच हो रही है। नेपाल मूल की महिलाओं के पास 2003 लिस्ट में नाम या पैरेंट्स का रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे दिक्कत आ रही है।

भारत में जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम (संक्षेप में)

  • 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे: स्वतः भारतीय नागरिक।
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 तक: माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो।
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद: दोनों माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक और दूसरा वैध निवासी हो।

असर और चर्चा

यह मुद्दा सीमावर्ती इलाकों में खासा संवेदनशील है। कई महिलाएं वर्षों से यहां रह रही हैं, लेकिन नागरिकता प्रक्रिया पूरी न होने से वोटिंग से वंचित हो सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि SIR के दौरान हजारों नेपाली मूल की महिलाओं को नोटिस मिले हैं, और नाम हटने का खतरा है।

अगर आप या आपके आसपास कोई ऐसी महिला प्रभावित है, तो तुरंत:

  • स्थानीय BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) या तहसील/जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
  • नागरिकता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करें (MHA पोर्टल या स्थानीय DM ऑफिस)।
  • दस्तावेज जैसे मैरिज सर्टिफिकेट, निवास प्रमाण, पति का वोटर ID आदि तैयार रखें।

यह खबर लोकतंत्र में शामिल होने के अधिकार से जुड़ी है। अधिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट (eci.gov.in) या स्थानीय चुनाव कार्यालय से अपडेट लें।

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