February 4, 2026

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मेरठ में समाधि क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास, ग्रामीणों का हंगामा, असामाजिक तत्वों की तलाश शुरू

UP: Attempt to spoil the atmosphere by damaging the Samadhi in Meerut, uproar among villagers
भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव पचगांव पट्टी अमर सिंह के माजरा गांव गढी के जंगल में स्थित प्रभु दयाल नाथ जी महाराज की समाधि को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, प्रभु दयाल नाथ जी महाराज की समाधि गांव गढी के जंगल में स्थित है, जहां हर साल होली और दीपावली पर उनके परिजन और ग्रामीण भंडारे का आयोजन करते हैं। सोमवार रात को कुछ अज्ञात लोगों ने समाधि को क्षतिग्रस्त कर दिया। मंगलवार को गांव पचगांव पट्टी अमर सिंह निवासी भीम और खूब सिंह जब माथा टेकने पहुंचे, तो उन्होंने समाधि को टूटा हुआ पाया। इसकी सूचना तुरंत ग्रामीणों को दी गई, जिसके बाद मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने ग्राम प्रधान सतीश शर्मा के साथ मिलकर ग्रामीणों की मौजूदगी में समाधि की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया है। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने बताया कि फिलहाल ग्रामीणों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद, पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है जो असामाजिक तत्वों की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करेगी। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
ग्रामीणों की आस्था और इतिहास
गांव पचगांव पटटी अमर सिंह निवासी बबलू जाटव ने बताया कि उनके पिता गेंदा नाथ महाराज, रच्छौती डेरियों से जनपद गाजियाबाद के मेवला भट्टी निवासी प्रभु दयाल नाथ जी को अपने गांव लाए थे। ग्रामीणों द्वारा प्रभु दयाल नाथ जी महाराज का आदर-सत्कार किया जाता था। 21 मार्च 1968 को प्रभु दयाल नाथ जी ने यहीं देह त्याग दी थी, जिसके बाद उनकी याद में जंगल में ही समाधि का निर्माण किया गया था। यह समाधि ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है।