February 18, 2026

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14 दिन में नहीं हुआ काम, अब एक दिन में आठ हजार सत्यापन कैसे? RTE में अफसरों की लापरवाही, पढ़ें मामला

Kanpur now how can eight thousand verifications be done in one day RTE officials negligence

कानपुर में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चल रही ऑनलाइन प्रक्रिया में अफसरों की लापरवाही ने 8,163 छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। जिले में अंतिम दिन तक 12,956 आवेदन आए, जिनमें से केवल 3,620 आवेदन ही अधिकारियों द्वारा सत्यापित किए गए। वहीं, 1,173 आवेदन निरस्त कर दिए गए। बीईओ स्तर पर 7,401 और बीएसए स्तर पर 762 आवेदन लंबित हैं। अब मंगलवार को आवेदन सत्यापन का अंतिम दिन है। आरटीई में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दो फरवरी को शुरू हुई थी।

पहले पोर्टल की सुस्त गति से आवेदन करने में विलंब हो रहा था। 16 फरवरी को अंतिम दिन होने से दोपहर तक करीब 1453 आवेदन आए। इसके बाद साइट बंद होने से आवेदन नहीं हो सके। वहीं अधिकारियों की ओर से आवेदन के सत्यापन में लापरवाही बरती गई। सोमवार को करीब 900 आवेदनों का सत्यापन किया गया। अब 17 फरवरी को सत्यापन का अंतिम दिन है। इससे एक दिन में आठ हजार से अधिक आवेदन सत्यापित होने पर सवाल उठ रहे हैं। 18 फरवरी को बच्चों की लॉटरी निकाली जाएगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिकारी यदि समय से सत्यापन करते तो बच्चों के दाखिले की उम्मीद बनी रहती।
निवास प्रमाण पत्र पर नहीं लगी रिपोर्ट, आवेदन लटके

आरटीई में दाखिले के लिए आवेदकों को मूल निवास प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी है। प्रशासन ने इसके लिए हेल्प डेस्क बनाईं, लेकिन बड़ी संख्या में प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट नहीं लगी, जिससे हजारों बच्चे आवेदन करने से वंचित रहे। पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,000 से अधिक प्रमाण पत्रों में रिपोर्ट अब तक नहीं लगी, जिनमें केवल तीन दिन के आवेदन ही 2,121 हैं। ग्वालटोली के एक जनसेवा केंद्र संचालक ने बताया कि नौ फरवरी से अब तक उनके केंद्र से किए गए 100 से अधिक आवेदन एसडीएम स्तर पर लंबित हैंअब तक करीब 13 हजार आवेदन आए हैं। आज सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तय समय में सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। 18 तारीख को लॉटरी खुलने से पहले सभी आवेदनों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -सुरजीत कुमार सिंह बीएसएदस्तावेजों के सत्यापन में लगभग 14 दिन का समय लगता है। अब परिषद से ओटीपी सिस्टम हो गया है, पिछले दो दिनों से सर्वर डाउन है। प्रयास है कि सभी दस्तावेजों का जल्द निस्तारण हो।  -अनुभव सिंह एसडीएम स

मजदूरी करके घर चलाते हैं, आरटीई के तहत बच्चे का दाखिला निजी स्कूल में कराना चाहते थे।। आठ फरवरी को निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक रिपोर्ट ही नहीं लगी।  -अक्षत अग्रवाल, मकराबटगंजपति फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। नौ फरवरी को निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन आखिरी दिन तक रिपोर्ट नहीं लगी। दस्तावेज पूरे न होने से आरटीई आवेदन नहीं कर सके।  -मुबीन, चमनगंज