
कानपुर में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चल रही ऑनलाइन प्रक्रिया में अफसरों की लापरवाही ने 8,163 छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। जिले में अंतिम दिन तक 12,956 आवेदन आए, जिनमें से केवल 3,620 आवेदन ही अधिकारियों द्वारा सत्यापित किए गए। वहीं, 1,173 आवेदन निरस्त कर दिए गए। बीईओ स्तर पर 7,401 और बीएसए स्तर पर 762 आवेदन लंबित हैं। अब मंगलवार को आवेदन सत्यापन का अंतिम दिन है। आरटीई में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दो फरवरी को शुरू हुई थी।
आरटीई में दाखिले के लिए आवेदकों को मूल निवास प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी है। प्रशासन ने इसके लिए हेल्प डेस्क बनाईं, लेकिन बड़ी संख्या में प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट नहीं लगी, जिससे हजारों बच्चे आवेदन करने से वंचित रहे। पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,000 से अधिक प्रमाण पत्रों में रिपोर्ट अब तक नहीं लगी, जिनमें केवल तीन दिन के आवेदन ही 2,121 हैं। ग्वालटोली के एक जनसेवा केंद्र संचालक ने बताया कि नौ फरवरी से अब तक उनके केंद्र से किए गए 100 से अधिक आवेदन एसडीएम स्तर पर लंबित हैंअब तक करीब 13 हजार आवेदन आए हैं। आज सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तय समय में सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। 18 तारीख को लॉटरी खुलने से पहले सभी आवेदनों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -सुरजीत कुमार सिंह बीएसएदस्तावेजों के सत्यापन में लगभग 14 दिन का समय लगता है। अब परिषद से ओटीपी सिस्टम हो गया है, पिछले दो दिनों से सर्वर डाउन है। प्रयास है कि सभी दस्तावेजों का जल्द निस्तारण हो। -अनुभव सिंह एसडीएम स
मजदूरी करके घर चलाते हैं, आरटीई के तहत बच्चे का दाखिला निजी स्कूल में कराना चाहते थे।। आठ फरवरी को निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक रिपोर्ट ही नहीं लगी। -अक्षत अग्रवाल, मकराबटगंजपति फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। नौ फरवरी को निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन आखिरी दिन तक रिपोर्ट नहीं लगी। दस्तावेज पूरे न होने से आरटीई आवेदन नहीं कर सके। -मुबीन, चमनगंज
