लखनऊ। महानगर स्थित पद्मश्री डॉ. एससी राय पार्क (ई-पार्क) में प्रकृति, विज्ञान और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। कोरोना काल के बाद आयोजित 22वीं पुष्प प्रदर्शनी एवं चित्रकला प्रतियोगिता ने शहरवासियों को रंग-बिरंगे फूलों और रचनात्मक कलाकृतियों से मंत्रमुग्ध कर दिया। खास तौर पर 108 पंखुड़ियों वाला दुर्लभ कमल और दस वर्षों तक जीवंत रहने वाले संरक्षित फूलों ने दर्शकों को हैरान कर दिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन शनिवार को महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया।
नगर निगम की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में 24 वर्गों की 262 श्रेणियों में प्रतियोगिताएं हुईं। इनमें 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दर्शकों को प्रकृति और वैज्ञानिक तकनीक का अनोखा मेल देखने को मिला। सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) की ओर से प्रदर्शित 108 पंखुड़ियों वाला विशेष कमल आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। संस्थान के लैब असिस्टेंट ओपी गौतम ने बताया कि निर्जलीकरण तकनीक के माध्यम से फूलों को विशेष पॉट में संरक्षित कर दस वर्षों तक जीवंत रखा जा सकता है। इन फूलों का रंग फीका नहीं पड़ता और न ही वे सूखते हैं।
प्रदर्शनी में वॉटर लिली और कुमुदनी जैसे फूलों की मनमोहक सजावट ने वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया। प्रतिभागियों की ओर से फूलों से बनाई गई लक्ष्मण जी तथा राधा-कृष्ण की आकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। समापन पर सर्वाधिक पुरस्कार जीतने वाले प्रतिभागी को ‘विनर कप’ और 2100 रुपये की नकद राशि दी जाएगी। इस अवसर पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, उद्यान अधीक्षक शशिकांत शशि, पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रसोई की खेती ने भी खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में वृंदावन योजना कॉलोनी के राधा निकुंज पार्क की ओर से रसोई की खेती (किचन गार्डनिंग) का संदेश भी दिया जा रहा है। पार्क सुपरवाइजर अरुण यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यहां सीमित स्थान में खेती की जा रही है। इसमें लाल पत्तों वाली सरसों, पत्ता गोभी, बैंगन और टमाटर जैसी सब्जियां उगाई जा रही हैं, जिससे लोगों को कम जगह में घर पर खेती करने की तकनीक सिखाई जा रही है।
More Stories
हर्षोल्लास व अकीदत के साथ मनाया गया पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्मदिन
चिमनी की ऊंचाई, प्लेटफॉर्म बढ़ाने और डिजाइन पर फिर से होगा मंथन; मुंबई में बैठक
काशी में 5340 लड़कियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, ‘हिंसा’ पर बनाई पेंटिंग; प्रशिक्षण