March 9, 2026

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चिमनी की ऊंचाई, प्लेटफॉर्म बढ़ाने और डिजाइन पर फिर से होगा मंथन; मुंबई में बैठक

Redevelopment of Mahasmshan of kashi Chimney height platform enhancement and design discussed again

काशी के महाश्मशान घाटों के पुनर्विकास को लेकर चल रहा विवाद अब मुंबई में होने वाली तकनीकी बैठक में सुलझाने की तैयारी है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर चिमनी की ऊंचाई बढ़ाने, शवदाह प्लेटफाॅर्म की संख्या बढ़ाने और बिना तोड़फोड़ के काम पूरा करने पर विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। अगले सप्ताह सोमवार को मुंबई में बैठक में इसकी डिजाइन को नए सिरे से तय किया जाएगा

अधिकारियों के अनुसार, अब तक दो दौर की बैठक हो चुकी है और अगली महत्वपूर्ण बैठक मुंबई में प्रस्तावित है, जहां तकनीकी विशेषज्ञ अंतिम सुझाव देंगे। योजना के तहत घाटों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ शवदाह व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी है।

प्रस्तावित हाईटेक चिमनी की ऊंचाई बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है ताकि चिताओं की राख आसपास के घरों तक न पहुंचे और पर्यावरणीय मानकों का पालन हो सके। मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर इसी उद्देश्य से हाईटेक चिमनी लगाने की योजना पहले भी तैयार की जा चुकी है।

घाटों का होगा सुंदरीकरण

घाटों पर शवदाह प्लेटफाॅर्म की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है लेकिन इस बार यह ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी धार्मिक संरचना या पारंपरिक व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य बिना किसी तोड़फोड़ के पूरा किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि मुंबई में होने वाली बैठक के बाद परियोजना के अंतिम डिजाइन और तकनीकी मानकों पर सहमति बन सकती है। इसके बाद घाटों के पुनर्विकास का काम नई रूपरेखा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे काशी के महाश्मशान घाटों की व्यवस्था आधुनिक सुविधाओं के साथ और व्यवस्थित हो सके।
प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह और 100 फीट ऊंची चिमनी बनाई जा रही है, ताकि धुआं और राख सीधे हवा में ऊपर जाए और आसपास न फैले। इसकी ऊंचाई को और बढ़ाया जा सकता है।

13,250 वर्ग फीट क्षेत्र में घाट का पुनर्विकास 
13,250 वर्ग फीट क्षेत्र में हरिश्चंद्र घाट का पुनर्विकास का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में मणिकर्णिका घाट का शिलान्यास किया था। सड़क मार्ग से 1.8 मीटर ऊपर शवदाह स्थल बनने हैं। अब इसमें दोबारा बदलाव किए जा रहे हैं। मुंबई में कार्यदायी संस्था बीआईपीएल और डिजाइनर एडिफाइस के साथ नगर निगम के अफसर इसे तय करेंगे। दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर हुए विवाद के बाद कार्यदायी संस्था यहां जेसीबी नहीं चलाना चाहती है। डिज़ाइन ऐसा तैयार किया जाएगा कि बिना अधिक तोड़फोड़ के घाट के काम को पूरा किया जा सके।