March 9, 2026

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हर घर जल पर बजट का ग्रहण, अधर में लटकीं परियोजनाएं

Budget eclipse on water for every home, projects hanging in the balance
गाजीपुर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना बजट के अभाव में अटकी है। जनपद में 763 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से अधिकांश बजट के अभाव में रुकी पड़ी है। इक्का-दुक्का जो परियोजनाएं चल रही हैं, उनके निर्माण कार्य में भी निरंतरता नहीं है। इन परियोजनाओं की कुल लागत दो हजार 756 करोड़ रुपये है। जनपद में वर्ष 2021 से जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने का कार्य चल रहा है। अब तक एक हजार 21 करोड़ रुपये यानी कुल लागत की 35 प्रतिशत धनराशि खर्च की जा चुकी है। अभी भी जल निगम ग्रामीण को शासन से एक हजार 735 करोड़ रुपये मिलने का इंतजार है। शासन की ओर से एक वर्ष से बजट जारी नहीं किया गया है।

बजट जारी न होने के कारण ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और डोर-टू-डोर कनेक्शन देने का कार्य रुका पड़ा है। एक ओर विभाग बजट का इंतजार कर रहा है, तो दूसरी ओर ग्रामीण नलों से पानी की बूंद टपकने का इंतजार कर रहे हैं।

763 परियोजनाओं के तहत जनपद की करीब 40 लाख ग्रामीण आबादी को लाभान्वित कराने का लक्ष्य है। इसके लिए तीन लाख 82 हजार 754 कनेक्शन दिए जाने हैं। इसके सापेक्ष तीन लाख 15 हजार 810 कनेक्शन हो चुके हैं। 11 हजार 795 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें से अब तक लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं 875 ओवरहेड टैंक बनने हैं, जिनमें से 224 का निर्माण हो चुका है। जनपद में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
युवराजपुर में एक वर्ष पहले कनेक्शन का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं किया गया। गांव में जगह-जगह अधूरी पाइपलाइनें इसकी गवाही दे रही हैं। ग्रामीण आज भी कनेक्शन पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

पटकनिया में तीन वर्ष पहले ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया, लेकिन कनेक्शन न होने के कारण यह शो-पीस बनकर रह गया है। गांव के लोगों को आज तक शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका है और वे हैंडपंप के सहारे अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
शासन से बजट के लिए पत्राचार किया गया है। शासन की ओर से निर्देश दिया गया है कि जो परियोजनाएं 90 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं, पहले उनका कार्य पूरा कराया जाए। इसके लिए बजट जारी किया जाएगा। – दिवाकर विक्रम सिंह, एई, जल निगम ग्रामीण।