
पीड़िता आश्वस्त है कि पुलिस उनके साथ पूरी तरह न्याय करेगी। बताया कि पूरे रास्ते छेड़खानी करते हुए पीछे-पीछे लड़के आ रहे थे, लेकिन किसी ने भी उन्हें रोका-टोका नहीं। किसी राहगीर ने भी आगे बढ़कर उन्हें सबक सिखाने की नहीं सोची। इसका भी दुख है।
उधर, मंगलवार को भी पूरे परिसर में इसी बात की चर्चा रही। एक छात्रा ने बताया कि हैरत है कि तीन युवक सड़क पर खुलेआम सीमा पार करते हुए डॉक्टर के साथ अभद्रता, छेड़खानी कर रहे थे लेकिन किसी ने उन्हें रोका नहीं। राहगीरों और सीसीटीवी कैमरों के बावजूद आरोपियों ने डॉक्टर को घूरा, अपशब्द कहे और छेड़खानी (बैड टच) की।
अब किसी महिला छात्रा का बाहर निकलना काफी मुश्किल
कुछ महिला जेआर (जूनियर रेजिडेंट) ने बताया कि इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। रविवार या शनिवार को शहर में निजी जरूरतों के लिए अक्सर खरीदारी करने हम सभी जाते हैं। अब ऐसे माहौल में कोई कैसे जा पाएगा।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता बुधवार को एम्स में फैकल्टी के साथ बैठक करेंगी। वह खुद घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं। बताया कि संवाद के जरिये परिसर का माहौल सामान्य करेंगी। डॉक्टरों संग वूमन सेफ्टी और अन्य मुद्दों पर चर्चा करते हुए अहम जानकारियां देंगी और गोपनीय तरीके से महिला फैकल्टी से उनकी दिक्कतें और निजी परेशानियों को लेकर भी चर्चा करेंगी।

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