लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित इस सूची में कुल 15.44 करोड़ पुराने मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं, जबकि 12.55 करोड़ नाम बरकरार रखे गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि ये नाम मृत्यु (46.23 लाख), स्थायी स्थानांतरण/अनुपस्थित/लापता (2.17 करोड़) और डुप्लीकेट पंजीकरण (25.47 लाख) के कारण हटाए गए।
यह सफाई मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए की गई है, लेकिन इससे कई जगहों पर अजीबोगरीब खामियां भी सामने आई हैं।
हैरतअंगेज उदाहरण: एक ही घर में अलग-अलग नाम और बूथ!
- रामपुर जिले के मिलक विधानसभा में पंडित डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा (71 वर्ष) के घर के पते पर उनके परिवार के 6 मतदाताओं के अलावा शबनम और उनके परिवार के 5 अन्य मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। डॉ. शर्मा इस स्थिति से चिंतित हैं।
- लखनऊ के डालीबाग में अनूप मिश्रा के घर के 11 सदस्य 3 अलग-अलग पोलिंग बूथों में बंटे हुए हैं, जिससे मतदान के दिन परिवार को अलग-अलग जगह जाना पड़ेगा।
CEO रिणवा का कहना है कि एक ही पते पर ज्यादा मतदाता होना फर्जी होने का प्रमाण नहीं, बल्कि जांच का विषय है। कई मकानों में नंबर न होने से ऐसी गड़बड़ियां होती हैं।
यहाँ कुछ दृश्य हैं जो मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनौतियों को दर्शाते हैं:
4.46 करोड़ ‘गुमनाम’ मतदाताओं का रहस्य?
समाचार में उल्लेखित 4.46 करोड़ मतदाताओं का अंतर विधानसभा सूची (12.55 करोड़) और पंचायत/नगर निकाय सूची (17.01 करोड़) के बीच का है। यह अंतर मुख्य रूप से SIR सफाई के कारण है, जहां विधानसभा लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम कटे।
अखिलेश यादव ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग की SIR में अंतर क्यों? एक ही BLO ने दोनों लिस्ट तैयार की, फिर भी विधानसभा में 2.89 करोड़ नाम कम हो गए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि BJP दबाव में आयोग काम कर रहा है और वोट लूट का समीकरण बनाया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि CM योगी पहले ही 4 करोड़ नाम कटने का अनुमान कैसे लगा लेते हैं?
यहाँ अखिलेश यादव के बयान से जुड़े कुछ दृश्य:
क्या करें अगर आपका नाम कट गया
- ड्राफ्ट लिस्ट चेक करें: voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर EPIC नंबर/नाम से सर्च करें।
- दावा/आपत्ति: 6 फरवरी 2026 तक फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (हटाने), फॉर्म-8 (सुधार) भरें।
- अंतिम सूची 6 मार्च 2026 को आएगी।
यह SIR अभियान मतदाता सूची को साफ करने का बड़ा कदम है, लेकिन राजनीतिक विवाद और आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है। अगर आपका नाम प्रभावित हुआ है या कोई सवाल है, तो BLO से संपर्क करें या बताएं!

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