January 12, 2026

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गोरखपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की ड्राफ्ट सूची जारी हो चुकी है। इसमें कुल 6.45 लाख (लगभग 6,45,625) नाम हटाए गए हैं, जो अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Deceased) और डुप्लिकेट (Duplicate) मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं। इससे जिले की कुल मतदाता संख्या में काफी कमी आई है, और 2027 के विधानसभा चुनावों के समीकरण प्रभावित होने की संभावना है।

प्रमुख प्रभावित विधानसभा क्षेत्र

और अन्य स्रोतों के अनुसार, गोरखपुर की 9 विधानसभा सीटों में से अधिकांश में कटे नामों की संख्या 2022 के चुनाव में जीत के अंतर से कहीं अधिक है। इससे राजनीतिक दलों को नया गणित बनाना पड़ सकता है। यहां मुख्य आंकड़े हैं (अनंतिम ड्राफ्ट के आधार पर):

  • चिल्लूपार: 87,732 नाम कटे। 2022 में जीत का अंतर केवल 21,645 वोट था → कटे नाम जीत के अंतर से कई गुना ज्यादा (सबसे हॉट सीट)।
  • गोरखपुर ग्रामीण: 70,763 नाम कटे। 2022 में जीत का अंतर 24,070 वोट था → कटे नाम अंतर से बहुत अधिक।
  • गोरखपुर शहर (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट): 62,152 नाम कटे। 2022 में जीत का अंतर 1,03,390 वोट था → यहां कटे नाम जीत के अंतर से कम हैं, इसलिए स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत।
  • पिपराइच: 62,175 नाम कटे। 2022 में जीत का अंतर 53,57 (संभावित) था → कटे नाम अंतर से अधिक।

अन्य क्षेत्रों के आंकड़े ( रिपोर्ट के अनुसार)

विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता (लगभग) कटे नाम 2022 जीत का अंतर (वोट)
कैम्पियरगंज 3,92,427 68,242 26,56?
पिपराइच 4,14,711 62,175 53,57?
गोरखपुर शहर 4,80,892 62,152 1,03,390
गोरखपुर ग्रामीण 4,29,833 70,763 24,070
सहजनवां 3,83,221 61,130 34,06?
खजनी 3,87,022 83,143? 71,01?
चौरीचौरा 3,60,030 67,355? 41,27?
बांसगांव 3,78,779 83,062? 32,309?
चिल्लूपार 4,39,618 87,732 21,645

नोट: अधिकांश क्षेत्रों में कटे नाम 2022 के जीत के अंतर से ज्यादा हैं (सिवाय गोरखपुर शहर और पिपराइच जैसे कुछ में)। इससे विपक्षी दलों को फायदा मिल सकता है, खासकर चिल्लूपार जैसी सीटों पर जहां अंतर बहुत कम था।

राजनीतिक प्रभाव

  • सिर्फ दो सीटें (गोरखपुर शहर और पिपराइच) ऐसी हैं जहां कटे नाम जीत के अंतर से कम/बराबर हैं।
  • चिल्लूपार और गोरखपुर ग्रामीण जैसी सीटें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां 2022 में भाजपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी (चिल्लूपार) और विपिन सिंह (ग्रामीण) ने क्रमशः 21,645 और 24,070 वोटों से जीत हासिल की थी।
  • राजनीतिक दल अब नोटिस, दावे-आपत्ति और नए नाम जुड़वाने में जुटे हैं। दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि फरवरी 2026 तक है, और अंतिम सूची मार्च 2026 में आएगी।

यह बदलाव पूरे यूपी में 2.89 करोड़ नाम कटने का हिस्सा है, लेकिन गोरखपुर में प्रभाव सबसे ज्यादा दिख रहा है। अगर आपके नाम से संबंधित कोई जांच है, तो  पर चेक करें!