केंद्रीय बजट 2026-27 में एमएसएमई सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं से उत्तर प्रदेश के एक करोड़ से अधिक छोटे और मझोले उद्योगों को सीधा और बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। की इस खबर के अनुसार, सस्ती पूंजी, तेज भुगतान और क्लस्टर विकास जैसे प्रावधान यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एमएसएमई को नई ताकत देंगे।
मुख्य घोषणाएं और यूपी पर प्रभाव
- 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड: यह फंड बेहतर प्रदर्शन वाली एमएसएमई इकाइयों को इक्विटी सहायता (equity support) देगा। नवाचार, उत्पादन विस्तार, रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने वाली इकाइयों को प्राथमिकता मिलेगी। यूपी में लाखों छोटे उद्योगों, खासकर ODOP (एक जिला एक उत्पाद) से जुड़े, को इससे ग्रोथ में 10% तक की रफ्तार मिल सकती है।
- सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि: माइक्रो और छोटे उद्यमों को रिस्क कैपिटल (risk capital) उपलब्ध होगी। स्टार्टअप, कारीगर-आधारित और ग्रामीण उद्योग बिना भारी गारंटी के पूंजी जुटा सकेंगे। यह यूपी के ग्रामीण और पारंपरिक उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
- तेज भुगतान और नकदी संकट में राहत: ट्रेड्स (TReDS) प्लेटफॉर्म को मजबूत किया गया है, जहां अब तक 7 लाख करोड़ से अधिक का क्रेडिट वितरित हो चुका है। पीएसयू की खरीद ट्रेड्स से, इनवॉइस डिस्काउंटिंग को क्रेडिट गारंटी से जोड़ना और जेम पोर्टल से लिंकेज से समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। इससे एमएसएमई का कैश फ्लो सुधरेगा और देरी से होने वाला नुकसान कम होगा।
- 200 पुराने क्लस्टरों का पुनरुद्धार: यूपी के पारंपरिक क्लस्टरों को आधुनिक सुविधाओं से मजबूत किया जाएगा। जैसे:
- बनारस का हैंडलूम (हथकरघा)
- मुरादाबाद का पीतल
- आगरा का चमड़ा
- कन्नौज का इत्र इन उद्योगों को नई तकनीक, बुनियादी ढांचा और बाजार पहुंच से ताकत मिलेगी।
- कॉरपोरेट मित्र योजना: टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमएसएमई को जीएसटी, अन्य नियमों के अनुपालन में मदद के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सचिव और कॉस्ट एकाउंटेंट संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स उपलब्ध होंगे। इससे अनुपालन आसान और सस्ता होगा।
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि केंद्र का यह बजट यूपी की एमएसएमई को ग्रोथ इंजन का काम करेगा। एक करोड़ से ज्यादा छोटी इकाइयों को पूंजी, बाजार और तकनीक तीनों स्तरों पर मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह बजट एमएसएमई को इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट के तीन-स्तरीय रोडमैप देता है, जो यूपी जैसे एमएसएमई-घने राज्य के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। इससे रोजगार सृजन, निर्यात बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

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