February 2, 2026

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यूपी में 10 लाख कैंसर मरीजों को मिलेगी संजीवनी, दवाएं होंगी सस्ती; हर साल बढ़ रहे 2.5 लाख मरीज

केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं से उत्तर प्रदेश के लाखों कैंसर मरीजों और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।की इस खबर के मुताबिक, यूपी में पंजीकृत करीब 10 लाख कैंसर मरीजों को दवाओं पर हर माह 15-20 हजार रुपये तक की बचत होगी। प्रदेश में हर साल 2.5 लाख नए कैंसर मरीज बढ़ रहे हैं, और बजट के प्रावधानों से इलाज सस्ता और पहुंच योग्य बनेगा। साथ ही, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं से करीब 15 हजार मरीजों को फायदा होगा।

मुख्य घोषणाएं और यूपी पर प्रभाव

  • कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाई गई: बजट में 17 महत्वपूर्ण कैंसर दवाओं (जैसे Ribociclib, Venetoclax, Ibrutinib, Ponatinib, Dabrafenib, Trametinib, Ipilimumab आदि) पर आयात शुल्क माफ किया गया है। ये दवाएं ज्यादातर आयातित हैं और महंगी होती हैं (मासिक खर्च 20 हजार से 1.5 लाख रुपये तक)। इससे landed cost कम होगा, और यूपी के मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मासिक इलाज खर्च में 20-30% तक कमी आ सकती है।
  • दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर राहत: 7 अतिरिक्त दुर्लभ बीमारियों (जैसे Primary Hyperoxaluria, Cystinosis आदि) की दवाओं, दवाइयों और विशेष खाद्य पदार्थों पर कस्टम ड्यूटी छूट मिलेगी। यूपी में इससे प्रभावित मरीजों को बड़ी राहत।
  • जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर: बजट में जिला अस्पतालों में Emergency and Trauma Care Centres की स्थापना और क्षमता 50% बढ़ाने का प्रावधान है। यूपी में हाईवे के किनारे पहले से 11 ट्रॉमा सेंटर चल रहे हैं, और अब गोल्डन ऑवर में उपचार सुनिश्चित होगा। इससे दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम होगी।
  • पश्चिमी यूपी में AIIMS: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नया AIIMS स्थापित होने से इलाज के लिए दिल्ली जाने की जरूरत कम होगी। वर्तमान में गोरखपुर और रायबरेली में AIIMS हैं। बजट में 5 नए Regional Medical Centres प्रस्तावित हैं, जिनमें से एक यूपी को मिलने की संभावना है। PMSSY के तहत AIIMS और मेडिकल कॉलेज अपग्रेडेशन के लिए ₹11,307 करोड़ आवंटित।
  • पैरामेडिकल कोर्स और मेडिकल एजुकेशन: मेडिकल कॉलेजों में ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थिसिया, OT टेक्नोलॉजी आदि कोर्स शुरू होंगे। झांसी जैसे संस्थानों में विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
  • बायोफार्मा सेक्टर को बढ़ावा: Biopharma Shakti योजना के तहत 5 साल में ₹10,000 करोड़ निवेश। इससे बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स का स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा, रिसर्च और इनोवेशन को बल मिलेगा। India Clinical Trial Sites Network से यूपी के मेडिकल संस्थानों में क्लीनिकल ट्रायल बढ़ेंगे।
  • एम्स आयुर्वेद और आयुष: वाराणसी आदि में AIIMS Ayurveda की स्थापना की उम्मीद। आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा। औषधीय पौधों (एलोवेरा, तुलसी, सतावर आदि) की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा, जो यूपी के किसानों के लिए फायदेमंद।

ये घोषणाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक आवंटन के साथ आ रही हैं, जो affordability, accessibility और infrastructure पर फोकस करती हैं। यूपी जैसे बड़े राज्य में, जहां कैंसर और NCDs का बोझ बढ़ रहा है, ये प्रावधान लाखों परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। इससे इलाज सस्ता होने के साथ रोजगार और मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।