February 2, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

यूपी में पूरब से पश्चिम तक बढ़ेगा सांस्कृतिक पर्यटन का दायरा, सृजित होंगे रोजगार के नए अवसर

केंद्रीय बजट 2026-27 में सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है, जिससे उत्तर प्रदेश में पूरब से पश्चिम तक सांस्कृतिक पर्यटन का दायरा बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। की इस खबर के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 पुरातात्विक महत्व के स्थलों को विकसित कर “वाइब्रेंट, एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशंस” बनाने की घोषणा की, जिसमें यूपी के सारनाथ (वाराणसी) और हस्तिनापुर (मेरठ) शामिल हैं। ये स्थल पुरातत्व, आध्यात्मिक महत्व और आधुनिक तकनीक के संगम से विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनेंगे।

मुख्य घोषणाएं और यूपी पर प्रभाव

  • 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास: इनमें लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, आदिचनल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस जैसे स्थल शामिल हैं। सारनाथ (जहां भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया) और हस्तिनापुर (महाभारत काल की राजधानी) को क्यूरेटेड वॉकवे, इंटरप्रिटेशन सेंटर, इमर्सिव स्टोरीटेलिंग, कंजर्वेशन लैब्स और गाइड सुविधाओं से समृद्ध किया जाएगा। इससे पर्यटकों को इतिहास और आध्यात्मिक महत्व की गहराई से समझ आएगी, और यूपी में घरेलू-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • राष्ट्रीय डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड: सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन होगा। यूपी के पांडुलिपियों, स्थलों की डिजिटलीकरण से शोधकर्ता, इतिहासकार और कंटेंट क्रिएटरों के लिए रोजगार बढ़ेगा। छोटे शहरों में तीर्थ स्थलों का विकास तेज होगा।
  • 10 हजार गाइड्स का कौशल विकास: 20 आइकॉनिक पर्यटन स्थलों पर आईआईएम के सहयोग से 12 हफ्तों का हाइब्रिड कोर्स। यूपी के युवाओं को होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग और गाइड ट्रेनिंग मिलेगी। अयोध्या-वाराणसी में पहले से ट्रायल चल रहा है; नाविकों, ई-रिक्शा/ऑटो चालकों को भी प्रशिक्षण से पर्यटकों को बेहतर सेवा मिलेगी। इससे 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  • पर्यटन अनुभव में बदलाव: पुरातत्व + तकनीक + आध्यात्म से पर्यटक अनुभव बदल जाएगा। यूपी में सारनाथ से हस्तिनापुर तक का सर्किट मजबूत होगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगा।

निराशा का पक्ष

बजट में बौद्ध सर्किट के लिए “पूर्वोदय योजना” घोषित की गई, लेकिन यह केवल पूर्वोत्तर के 5-6 राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा) तक सीमित है। यूपी के महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल जैसे सारनाथ, कुशीनगर, संकिसा, कौशांबी आदि को इसमें शामिल नहीं किया गया, जबकि प्रदेश ने पहले प्रस्ताव भेजा था। वाइल्डलाइफ पर्यटन में भी यूपी को कुछ नहीं मिला (ओडिशा, कर्नाटक, केरल में ट्रेल्स)।

कुल मिलाकर, यह बजट यूपी के सांस्कृतिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा, खासकर सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास से। रोजगार सृजन, डिजिटल संरक्षण और बेहतर सुविधाओं से लाखों पर्यटक आकर्षित होंगे, लेकिन बौद्ध सर्किट में यूपी की अनदेखी से कुछ मायूसी भी है। राज्य सरकार अब इन घोषणाओं को तेजी से लागू कर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत कर सकती है।