February 2, 2026

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विश्वस्तरीय सुविधाओं से सजेगी बुद्ध की उपदेशस्थली, यहां हर साल आते हैं 20 लाख पर्यटक

केंद्रीय बजट 2026-27 में सारनाथ (वाराणसी) को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की बड़ी घोषणा हुई है।  की इस खबर के अनुसार, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था, वहां हर साल करीब 20 लाख देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। बजट में देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को “वाइब्रेंट, एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशंस” में विकसित करने का प्रावधान है, जिसमें सारनाथ शीर्ष पर शामिल है। इससे सारनाथ में पुरातत्व संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटक सुविधाएं बढ़ेंगी, और वाराणसी पर्यटन-ट्रांसपोर्ट हब बनेगा।

मुख्य घोषणाएं और सारनाथ पर प्रभाव

  • 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, आदिचनल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस सहित 15 साइट्स को अनुभव-आधारित सांस्कृतिक गंतव्य बनाया जाएगा। सारनाथ में उत्खनन क्षेत्रों को क्यूरेटेड वॉकवे से खोला जाएगा, इमर्सिव स्टोरीटेलिंग, टेक्नोलॉजी-आधारित व्याख्या केंद्र, कंजर्वेशन लैब्स और गाइड सुविधाएं विकसित होंगी।
  • पुरातत्व संग्रहालय का संरक्षण: सारनाथ के पुरातत्व संग्रहालय में हिंदू देवी-देवताओं की 9वीं-12वीं शताब्दी की मूर्तियां और बुद्ध के अवशेष संरक्षित किए जाएंगे। कई मूर्तियां टूट चुकी हैं; बजट से इनका बेहतर संरक्षण और प्रदर्शन होगा।
  • डिजिटल और इंटरएक्टिव अनुभव: मूर्तियों और धरोहरों के पास क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक क्लिक पर इतिहास जान सकेंगे। डिजिटल स्टोरीटेलिंग से बुद्ध के उपदेश और इतिहास का सजीव अनुभव मिलेगा।
  • पर्यटन हब के रूप में वाराणसी: वाराणसी (काशी), पुरी और तिरुपति जैसे शहरों को पर्यटन-ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा। आईआईएम के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के तहत वाराणसी जिले में 500+ गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
  • पर्यटकों की संख्या: पुरातत्व विभाग के अनुसार, हर महीने औसतन 1 लाख पर्यटक आते हैं, सालाना 20 लाख। विश्वस्तरीय सुविधाओं से संख्या में और इजाफा होगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बूस्ट मिलेगा।

अधिकारी और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

  • पावस प्रसून (सहायक निदेशक, भारत पर्यटन): बजट में घोषणा हुई है, जल्द काम शुरू होगा।
  • राहुल मेहता (टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष): विश्वस्तरीय सुविधाओं से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

यह घोषणा भारत की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने और पर्यटन को आर्थिक इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सारनाथ जैसे बौद्ध स्थल के विकास से न केवल आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि यूपी में रोजगार और स्थानीय व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि, बौद्ध सर्किट के लिए पूर्वोत्तर फोकस होने से यूपी के अन्य बौद्ध स्थलों (कुशीनगर आदि) पर अलग से ध्यान की जरूरत बनी हुई है। कुल मिलाकर, बजट सारनाथ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा।