मोदीनगर (गाजियाबाद) में अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। बार एसोसिएशन के सचिव नकुल त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR निरस्त न होने से नाराज वकीलों ने मंगलवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार किया और एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा का घेराव कर दिया।
घटना का विवरण:
- मुख्य कारण: मेरठ जिले के परतापुर गांव इकला निवासी मुकुल सांगवान ने मोदीनगर थाने में नकुल त्यागी (बार एसोसिएशन सचिव) और सुमित (भोजपुर गांव सैदपुर निवासी) के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि कृषि भूमि बेचने के नाम पर एग्रीमेंट के बाद बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया, जिससे धोखा हुआ।
- अधिवक्ताओं का पक्ष: वकीलों का कहना है कि नकुल त्यागी ने केवल बैनामा (रजिस्ट्री दस्तावेज) तैयार किया था, कोई धोखाधड़ी नहीं की। यदि बैनामा गलत है तो सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर जानबूझकर अधिवक्ताओं को परेशान करने का आरोप लगाया।
- आंदोलन की समयरेखा:
- शनिवार से शुरू: समाधान दिवस में हंगामा और धरना।
- सोमवार: मोदीनगर थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) का घेराव।
- मंगलवार: न्यायिक कार्य से विरत रहना, तहसील मुख्यालय में नारेबाजी और हंगामा। इसके बाद एसीपी भास्कर वर्मा का घेराव।
- एसीपी का जवाब: एसीपी ने अधिवक्ताओं को दो दिन में मामले का समाधान करने का भरोसा दिया। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
प्रभाव:
- मोदीनगर तहसील परिसर में हंगामा और नारेबाजी से अफरा-तफरी मची।
- बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल रहा।
- यह घटना पिछले कुछ दिनों से चल रही है, जिसमें पहले एसडीएम और थानाप्रभारी का भी घेराव हुआ था।
अधिवक्ता समुदाय का यह विरोध न्यायिक प्रक्रिया और पेशेवर सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस जांच जारी है, और दो दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि FIR निरस्त नहीं हुई तो आंदोलन और तेज हो सकता है।

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