पैदावार बढ़ाने के लिए कीटनाशकों के भारी उपयोग के चलते खाद्यान्न व फलों के माध्यम से लोगों के शरीर में खतरनाक रसायन पहुंच रहे हैं। इससे शरीर की अंदरूनी संरचना में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इससे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, तंत्रिका प्रणाली के विकारों से लेकर कैंसर जैसी गैर संचारी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कीटनाशक के अत्यधिक इस्तेमाल से इंसान में आनुवांशिक बदलाव भी आ रहे हैं, जो हमारे क्रमिक विकास में बाधक हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) और चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (सीएसए) का हालिया अध्ययन इसी ओर इशारा करता है। मेडिकल कॉलेज के बाॅयोकेमिस्ट्री विभाग और सीएसए के कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम ने लखीमपुर और कानपुर देहात के 10 गांवों में क्रमश: फसलों और उन्हें उगाने वाले दर्जनों किसानों पर कीटनाशकों के असर का अध्ययन किया।

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