January 12, 2026

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गोंडा: टेढ़ी नदी में डूबने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, बड़ी बेटी बची लेकिन सदमे में

, गोंडा |

नवाबगंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। टेढ़ी नदी पार करते समय फिसलने से मां सुनीता यादव (40) और उनकी छोटी बेटी अंशु (6-8 वर्ष) की डूबकर मौत हो गई। बड़ी बेटी अंशुभी (8 वर्ष) को मां ने किसी तरह बचा लिया, लेकिन वह खुद और छोटी बेटी पानी की गहराई में समा गईं। बची हुई बच्ची को नवाबगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना तुलसीपुर माझा के मजरे यादव पुरवा की है। पीड़ित परिवार के मुखिया राजिंदर यादव ने नदी के दूसरी ओर बंटाई पर खेत लिया हुआ है, जहां गेहूं की फसल बोई गई थी। सोमवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे सुनीता अपनी दोनों बेटियों के साथ खेत में सिंचाई कर रहे परिजनों के लिए खाना लेकर जा रही थीं। इन दिनों नदी में पानी कम होने के कारण वे पैदल ही नदी पार कर रही थीं। घर से महज 500 मीटर दूर नदी में अचानक दोनों बच्चियां गहरे पानी में फिसल गईं।

मां सुनीता ने बेटियों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने बड़ी बेटी को बाहर निकाल लिया, लेकिन छोटी बेटी को बचाने के प्रयास में खुद भी गहरे पानी में डूब गईं। बड़ी बेटी के रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े आए। उन्होंने सुनीता और अंशु को नदी से बाहर निकाला और तुरंत सीएचसी पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। राजिंदर यादव सीएचसी में बिलखते नजर आए। गांव में मातम पसरा हुआ है और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वमित्र भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर अस्पताल में भर्ती बच्ची का हालचाल जाना।

पुलिया न होने से रोज जोखिम में जान

ग्राम प्रधान पिंकी सिंह के प्रतिनिधि लालजी सिंह ने बताया कि गांव के ज्यादातर लोगों की खेती नदी के दूसरी ओर ही है। रोजाना आवागमन के लिए नदी पार करनी पड़ती है। पानी कम होने पर पैदल पार करते हैं, तो ज्यादा होने पर नाव या अन्य साधनों का सहारा लेते हैं। यदि यहां एक छोटी पुलिया या पुल बन जाए तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और ऐसे हादसे रुक सकते हैं।

टेढ़ी नदी गोंडा जिले में कई गांवों के लिए आवागमन का प्रमुख माध्यम बनी हुई है, लेकिन पुल-पुलिया की कमी से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन से मांग उठी है कि इस क्षेत्र में शीघ्र पुलिया का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोहराई न जा सके।

परिजनों ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार की तैयारी की। गांव में शोक की लहर है।