
केजीएमयू प्रशासन फिलहाल परिसर के मजारों को नहीं हटाएगा। संस्थान प्रशासन के अनुसार, रमजान के महीने में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब रमजान के बाद ही इस मामले को देखा जाएगा
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, मजारों को हटाने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया था। अवधि पूरी होने के बावजूद पूरे रमजान केजीएमयू प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेगा। बीते 23 जनवरी को केजीएमयू प्रशासन ने परिसर स्थित पांच मजारों पर नोटिस लगाकर 15 दिन में हटाने के लिए कहा था। पहले नोटिस के बाद नौ फरवरी को दूसरा लगाकर 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। इस पर ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन ने केजीएमयू की कुलपति और प्रवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए चौक कोतवाली में तहरीर दी थी। इसके बाद यह मामला और बढ़ गया।
ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के महासचिव सैयद बाबर अशरफ ने इस मामले को धार्मिक ठेस पहुंचाने वाला बताया था। इसी सप्ताह केजीएमयू प्रशासन की ओर से जारी नोटिस की अवधि समाप्त हो रही है। ऐसे में माना जा रहा था कि मामले में टकराव और बढ़ेगा। फिलहाल पूरे रमजान के लिए यह मामला थम गया है।
इन पांच मजार के लिए नोटिस
क्वीन मेरी के मुख्य गेट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, ट्रॉमा सेंटर परिसर, ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन और टीजी हॉस्टल परिसर के मजार को हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। केजीएमयू प्रशासन के अनुसार, इनके निर्माण के लिए न तो अनुमति है, न ही कोई आदेश। इनसे परिसर में आवागमन बाधित होता है। अतिक्रमण की समस्या भी है। इसलिए केजीएमयू प्रशासन ने अब इन अवैध मजारों को हटाने का फैसला लिया है। नोटिस के बाद सिर्फ ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन के मजार की व्यवस्था संभालने वाले व्यक्ति ने जवाब दिया था। बाकी किसी ने जवाब नहीं दिया।
केजीएमयू प्रशासन खाली करा चुका है काफी भूमि
प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, अब तक तीन अवैध स्थल खाली कराए जा चुके हैं। इनमें नेत्र विभाग के पीछे 20 हजार वर्ग फीट, जगतनारायण रोड पर 70 हजार वर्ग फीट और शताब्दी-2 भवन के पीछे 60 हजार वर्ग फीट जमीन शामिल है। अब बचे हुए छह स्थलों को खाली कराया जाना है।
