कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात (15 जनवरी 2026 की देर रात) हुआ, जहां 19 वर्षीय साहिल उर्फ गोरे (नौबस्ता के के ब्लॉक गोवर्धनपुरवा निवासी) की मौके पर मौत हो गई और उनके मुंह बोले चाचा सिकंदर लाला गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का मुख्य कारण
साहिल अपनी मैगी की दुकान बंद करने के बाद चाचा के साथ परेड बिरयानी खाने गए थे। वापसी में दूध खरीदने के बाद घर जा रहे थे। पुरानी फूल मंडी के पास बेतरतीब और ऊंची-नीची पैचवर्क वाली सड़क पर बाइक अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में सड़क किनारे बनी सीमेंटेड पानी की टंकी से टकरा गई।
- हेलमेट नहीं लगाया होने से साहिल के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
- परिवार का कहना है कि अगर सड़क ठीक होती और हेलमेट लगा होता, तो शायद यह हादसा टल जाता।
परिवार की स्थिति
परिजन सदमे में हैं। चाचा को तुरंत हैलट (हेल्थ एंड ट्रॉमा सेंटर) भेजा गया। मां राधिका, भाई अंकित और बहन आरती रो-रोकर बेहाल हैं। चाचा चंद्रशेखर हैलट में वार्ड बॉय हैं।
यह घटना नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के सड़क रखरखाव के दावों पर सवाल उठा रही है, क्योंकि इलाके में कई जगह ऐसी बेतरतीब पैचवर्क सड़कें हैं जो हादसों का कारण बन रही हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सड़क की खराब स्थिति के उदाहरण (दृश्य समझने के लिए)
यहां कुछ ऐसी सड़कों की तस्वीरें हैं जो भारत में बेतरतीब पैचवर्क और ऊंची-नीची होने के कारण बाइक हादसों का बड़ा कारण बनती हैं। ऐसी स्थिति में बाइक आसानी से अनियंत्रित हो सकती है:
और यहां सड़क किनारे पानी की टंकी जैसी संरचनाओं के साथ खराब सड़क का उदाहरण:
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा, हेलमेट का इस्तेमाल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर कितना महत्वपूर्ण है। परिवार के प्रति गहरी संवेदना।
अगर आपके पास इस हादसे से जुड़ी कोई अतिरिक्त जानकारी या अपडेट है, तो बताएं।

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