गाजियाबाद। बढ़े हुए हाउस टैक्स पर लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। कई सेक्टरों में जहां बढ़े टैक्स के खिलाफ छोटे-छोटे बोर्ड लगाए जा रहे हैं, वहीं व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोग निगम के खिलाफ नारे लिख रहे हैं।
घर-घर की यही पुकार, हाउस टैक्स कम करो सरकार, पहले किया वादा, अब बदला इरादा, हाउस टैक्स वृद्धि नहीं चलेगी, नहींं चलेगी, जिम्मेदार निकले बेपरवाह, जनता को लूटे बारंबार आदि नारे शहर के आरडब्ल्यूए के ग्रुपों में चल रहे हैं। इसके अलावा राजनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, पटेल नगर में जगह-जगह टैक्स वृद्धि नहीं चलेगी, जनता इसको नहीं भरेगी जैसी तख्तियां और बोर्ड टांगे गए हैं। सोसायटियों के गेट पर भी ऐसे स्लोगन लिखकर टांगे गए हैं।
एक ग्रुप पर हरीश गोयल लिखते हैं कि हमारे जनप्रतिनिधि पूरे साल नजर नहीं आते हैं। न ही किसी को विधायक फंड कहां खर्च होता है, इसकी जानकारी मिलती है। एक साल से बढ़े हाउस टैक्स को लेकर विवाद चल रहा है, लेकिन किसी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। सफाई, सड़क, सुरक्षा भी सबके सामने है।
मोहन सांगवान लिखते हैं कि जब कई बिल लोकसभा में लाकर पलट दिए जाते हैं तो अगर जनप्रतिनिधियों को इच्छाशक्ति हो तो इसे भी पलटा जा सकता है। एसके कुमार का कहना है कि हमें भूगोल और गणित से कोई लेना-देना नहीं है। हमें तो बढ़े टैक्स वापसी से मतलब है जो हर हाल में होना चाहिए, वरना यह जनाक्रोश बढ़ता ही जाएगा।
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