March 10, 2026

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कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से फर्राटा भरेंगे वाहन, 30 मिनट में पहुंचेंगे कानपुर; जानें स्पीड लिमिट

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (जिसेभी कहा जाता है) पर 1 अप्रैल 2026 से वाहनों को तेज़ रफ्तार से चलाने की अनुमति मिलने वाली है, जैसा कि  की रिपोर्ट में बताया गया है। यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लखनऊ से कानपुर के बीच सफर को क्रांतिकारी रूप से आसान बना देगा।

मुख्य विशेषताएं और अपडेट

  • लंबाई: 63 किमी (18 किमी पहला चरण: स्कूटर इंडिया से बनी तक, और 45 किमी दूसरा चरण: बनी से शुक्लागंज तक)।
  • स्पीड लिमिट: अधिकतम 120 किमी/घंटा (कुछ रिपोर्ट्स में 125 किमी/घंटा का भी जिक्र है, लेकिन आधिकारिक रूप से 120 किमी/घंटा)।
  • यात्रा समय: वर्तमान में NH-27 पर 2-2.5 घंटे (या 1.5-3 घंटे) लगते हैं, लेकिन इस एक्सप्रेसवे से यह महज 30-35 मिनट में पूरा हो जाएगा। कुछ स्रोतों में 40-45 मिनट का अनुमान है, लेकिन NHAI अधिकारियों का दावा 35 मिनट का है।
  • लागत: लगभग 3600-4700 करोड़ रुपये।
  • संरचना: 4 बड़े पुल, 25 छोटे पुल, 4 फ्लाईओवर, 11 पैदल यात्री अंडरपास, 13 हल्के वाहन अंडरपास।
  • सुरक्षा और निगरानी: पूरा एक्सप्रेसवे 63 CCTV कैमरों और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम से लैस। हादसे पर 15 मिनट में मदद पहुंचेगी। ओवर-स्पीडिंग के लिए ATMS से चालान कटेंगे।
  • खुलने की तारीख: NHAI के अनुसार, मार्च के अंत तक फिनिशिंग पूरी कर 1 अप्रैल (या अप्रैल के पहले हफ्ते) से ट्रैफिक शुरू होगा। फरवरी 2026 में काम अंतिम चरण में है, हालांकि कुछ छोटे हिस्सों (जैसे सरोजिनी नगर में पावर लाइन शिफ्टिंग) में देरी हो सकती है।

यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर बनी होते हुए शुक्लागंज (उन्नाव) में उतरेगा, और कानपुर में आजाद चौराहा/गंगा पुल के पास जुड़ेगा। इससे सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, सुल्तानपुर जैसे जिलों के लोग भी लाभान्वित होंगे, क्योंकि आउटर रिंग रोड से सीधा एक्सेस मिलेगा और जाम से बचाव होगा।

भविष्य में (2028 तक) कानपुर रिंग रोड तैयार होने पर यह और बेहतर कनेक्टिविटी देगा।

यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा की यात्रा के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। NHAI के अधिकारियों जैसे गौतम विशाल और नकुल प्रकाश वर्मा ने इसकी तैयारियों की पुष्टि की है।