February 7, 2026

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दुश्मन को जासूसी की भनक भी नहीं लगने देगा 33 ग्राम का ‘ड्रोन’, विस्फोटक ले जाने में सक्षम; जानें खासियत

UP: This 33-gram 'drone' will prevent the enemy from even suspecting espionage; capable of carrying explosives

यूं तो जनभवन (राजभवन) में शुक्रवार से फल, पुष्प और शाकभाजी की तीन दिवसीय प्रदर्शनी की शुरुआत हुई है लेकिन इस बार का सबसे खास आकर्षण है सेना की ओर से लगाई गई हथियारों की प्रदर्शनी। इसे देखने के लिए पहले दिन ही खूब भीड़ उमड़ी। पहली बार लगी इस प्रदर्शनी में एक छोटा ड्रोन खासा चर्चा में हैं जिसका वजन महज 33 ग्राम का है। यह दुश्मन के इलाके में दो किलोमीटर तक जाकर आसानी से रेकी कर उनकी लोकेशन, वहां मौजूद लोगों की संख्या और हथियारों के बारे में सटीक जानकारी देने में सक्षम है।

स्टॉल पर मौजूद सेना के जवानों ने बताया कि यह ड्रोन सौ मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है और इसमें बिल्कुल भी आवाज नहीं होती है जिसकी मदद से खासकर आतंकवादियों की लोकेशन लेने में मदद मिलती है।

यह नार्वे मेड है। वहीं भारत में बना माइक्रो ड्रोन विद कनेस्टर भी यहां मौजूद है जिसकी खासियत है कि यह दुश्मन के इलाके में 400 ग्राम विस्फोटक ले जाने में सक्षम है और वहां पहुंचकर 20 मीटर की रेंज में सब कुछ तहस-नहस कर देता है। इसका 30 मिनट का बैटरी बैकअप है। इसके अलावा ब्लैक हॉरनेट ड्रोन, लॉग रेंज थर्मल कैमरा भी प्रदर्शनी में मौजूद हैं।

चार किलोमीटर तक मार करता है 40 एमएम एमजीएल

प्रदर्शनी में एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) भी मौजूद है। इसे सैनिक खुद ले जा सकते हैं और ऑपरेट कर सकते हैं। यह मिसाइल दुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूत करने में सक्षम है। 40 एमएम आरएल रॉकेट लॉन्चर को देखने के लिए भी लोग उत्साहित दिखे।

इसके अलावा 40 एमएम मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर (एमजीएल) है। यह चार किलोमीटर तक की रेंज में मार कर सकने में सक्षम है। इसके अलावा टी-9 मशीन पिस्टल, एमएमएचसी हैंड ग्रेनेड, एसएमजी एमपी-9, 7.62 एमएम एसआईजी 716 असाल्ट राइफल, 5.56 एमएम इनसास राइफल, 7.62 एमएम एके 203 राइफल, 7.62 एमएम स्नाइपर राइफल, साको स्नाइपर भी मौजूद हैं।

सेना को रसद आपूर्ति में मददगार रोबोटिक म्यूल, फायरिंग में भी सक्षम

रोबोटिक म्यूल को देखने के लिए बच्चों में खास जिज्ञासा रही। यह बिल्कुल किसी कुत्ते की तरह तेजी से दौड़ता है। चार पैरों वाला यह स्वदेशी रोबोट माइनस 40 डिग्री से 55 डिग्री तापमान तक में काम कर सकता है और 15 किलोग्राम तक भार ले जाने में सक्षम है।

यह पहाड़ियों और सीढि़यों पर भी चढ़ सकता है। खास बात यह है कि यह रोबोटिक म्यूल दुश्मन की पहचान कर फायरिंग करने में भी सक्षम है। इसे 10 किमी दूरी तक रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है और एक बार में 10 घंटे तक काम कर सकता है। इसमें इंफ्रारेड और इलेक्ट्रो ऑप्टिक सेंसर है जो रात में भी दुश्मन का पता लगा सकता है

सेना के वाहनों के साथ सेल्फी लेने की होड़

प्रदर्शनी में हथियारों के साथ ही सेना के वाहन भी हैं। यहां मौजूद जवानों और वाहनों के साथ शुक्रवार को लोगों ने खूब फोटो खिंचवाईं और सेल्फी लीं। ऑल टरेन व्हीकल समेत बंकरबंद वाहनों ने लोगों को खूब आकर्षित किया।