
काशी को जल्द ही एक नए घाट की सौगात मिलेगी। पर्यटन विभाग नमो और आदि केशव घाट के बीच एक नया ‘मॉडल घाट’ बनाएगा। नए कॉरिडोर के बनने से काशी की भौगोलिक सुंदरता बढ़ेगी। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नया घाट पर्यटकों को काशी के उस प्राचीनतम हिस्से से भी जोड़ेगा, जो अब तक मुख्यधारा से थोड़ा दूर है। विभाग ने परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।वर्तमान में काशी आने वाले पर्यटक नमो घाट की आधुनिक चमक-धमक और सुविधाओं को देखकर लौट जाते हैं। इसी को ध्यान में रख नए घाट का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो नमो घाट को सीधे आदि केशव घाट से जोड़ेगा।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार के अनुसार, आदि केशव घाट का उल्लेख मत्स्य पुराण में मिलता है और इसे काशी के पांच प्रमुख तीर्थों में गिना जाता है। भगवान विष्णु का प्रथम और प्रमुख ‘विष्णु तीर्थ’ होने के कारण इसका धार्मिक महत्व है। नया घाट बनने से श्रद्धालु सुगमता पूर्वक इस प्राचीन स्थल तक पहुंच सकेंगे और पौराणिक महत्ता को करीब से जान पाएंगे
डिजिटल होगा काशी का इतिहास
जल परिवहन से जुड़ेगा चंदौली का अध्यात्म
पर्यटन के इस नए मॉडल में जल परिवहन पर भी विशेष जोर दिया गया है। नए घाट के निर्माण के साथ ही पर्यटकों को गंगा के उस पार चंदौली क्षेत्र में अवधूत भगवान राम समाधि स्थल के दर्शन कराने की भी तैयारी है। इसके लिए विशेष वॉटर ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की जाएगी। इससे काशी के घाटों पर भीड़ का दबाव कम होने के साथ ही गंगा पार के आध्यात्मिक स्थलों तक भी पर्यटकों की पहुंच बढ़ेगीकाशी की प्राचीनता और आधुनिकता के संगम को विस्तार देने के लिए नमो घाट और आदि केशव घाट के बीच एक नया ”मॉडल घाट” प्रस्तावित है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को काशी के सबसे प्राचीन ”विष्णु तीर्थ” यानी आदि केशव घाट तक पहुंचाना है। यह घाट न केवल स्थापत्य का बेजोड़ नमूना होगा, बल्कि क्यूआर कोड और म्यूरल्स से काशी के इतिहास का डिजिटल झरोखा भी बनेगा। -दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक, पर्यटन विभाग
