February 21, 2026

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कैनाइन डिस्टेंपर से पीड़ित कुत्ते ने दरोगा समेत आठ को काटा, काठगोदाम क्षेत्र में हुईं घटनाएं

A dog suffering from canine distemper bit eight people, including a police inspector in haldwani

हल्द्वानी शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। काठगोदाम क्षेत्र में ट्रैफिक दरोगा समेत आठ लोगों को काटने का मामला सामने आया है। सूचना पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़ लिया। उसे एबीसी सेंटर में रखा गया जहां सुबह उसने दम तोड़ दिया। उसके कैनाइन डिस्टेंपर रोग से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। करीब एक माह पहले भी वार्ड-48 मल्ली बमौरी और वार्ड-पांच पॉलीशीट क्षेत्र में इसी रोग से ग्रस्त लावारिस कुत्ते ने 25 लोगों को काटा था

सहायक यातायात उपनिरीक्षक प्रदीप राणा बृहस्पतिवार की शाम नरीमन तिराहे पर चेकिंग पर थे। तभी पीछे से आए कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। उन्होंने बेस अस्पताल में उपचार कराया और रैबीज का इंजेक्शन लगवाया।

केस-दो

चांदमारी नई काॅलोनी निवासी महिला बृहस्पतिवार की दोपहर स्कूल से बच्चों को लेकर पैदल लौट रही थी तभी काठगोदाम रेलवे स्टेशन चौराहे के पास सड़क पार करते लावारिस कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया।

दो दिन में 278 ने लगाया एंटी रैबीज का इंजेक्शन

शहर और आसपास लावारिस कुत्तों के काटने के मामले इन दिनों बढ़ रहे हैं। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ.केएस दताल ने बताया कि बीते दो दिन में क्रमश: 136 और 142 लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने अस्पताल पहुंचे

निगम की अनदेखी से पालतू कुत्तों का भी खतरा

शहर के जजफार्म, पीलीकोठी, नैनीताल रोड, रामपुर रोड, ऊंचापुल, तीनपानी, कुसुमखेड़ा आदि रिहायशी इलाकों में लोगों ने पालतू कुत्ते पाल रखे हैं। इनमें से अधिकतर ने नगर निगम में पंजीकरण नहीं कराया है। कुत्ते पालने वाले लोग जब तब खूंखार किस्म के कुत्तों को आबादी के बीच छोड़ देते हैं। इससे सुबह और शाम को आवाजाही करने वाले विशेषकर बच्चों और बुजुर्गाें को खतरा बना रहता है। निगम की ओर से कुत्तों का पंजीकरण ऑनलाइन कराया जा रहा है लेकिन चेकिंग अभियान न चलाने के कारण लोगों की मनमानी बढ़ रही है। निगम में अभी चार हजार पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया गया है जो वास्तविक संख्या से कहीं कम है।
11 महीने में 12 हजार से अधिक लोगों पर हमला

नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार शहर में करीब 32 हजार लावारिस कुत्ते हैं। ये गली-मोहल्लों में लोगों के पीछे दौड़ने के साथ ही उन पर हमला कर चुके हैं। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो बीते 11 माह में डॉग बाइट के 12100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कुत्तों के काटने के बाद अधिकतर लोग बेस अस्पताल में एंटी रैबीज लगाने पहुंचते हैं।

कुत्तों को रखने के लिए डॉग शेल्टर का इंतजार

नगर निगम के पास लावारिस कुत्तों को रखने के लिए डॉग शेल्टर नहीं है। इसकी डीपीआर बनाकर शहरीय विकास को भेजी गई है। इसमें 200 कुत्ते एक साथ रखे जा सकेंगे। कुत्तों के बधियाकरण के लिए टनकपुर रोड में एबीसी सेंटर बनाया गया है। यहां अब तक 20 हजार से अधिक कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है।

कैनाइन डिस्टेंपर संक्रामक वायरल बीमारी है,जो मुख्य रूप से कुत्तों और अन्य मांसाहारी जानवरों में फैलती है। यह वायरस मानवों में नहीं फैलता इसलिए इंसानों को इससे कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं होता। यह बीमारी विशेष रूप से उन जानवरों को प्रभावित करती है जो मांसाहारी श्रेणी में आते हैं और जिनके दांत शिकार को चीरने-फाड़ने के लिए बने होते हैं। – डॉ.आरके पाठक वरिष्ठ पशु चिकित्सक हल्द्वानी

एक ही कुत्ते के आठ लोगों के काटने की जानकारी मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया। जिन्हें भी कुत्ते ने काटा है वह सुरक्षा के मद्देनजर एंटी रैबीज अवश्य लगाएं। – परितोष वर्मा, नगर आयुक्त