February 21, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

पहली जांच रिपोर्ट को अधूरी माना फिर जांच के निर्देश, कम कीमत पर लकड़ी बिक्री का मामला

Selling wood at low prices case in western circle of Forest Corporation will be investigated again Uttarakhand

वन निगम के पश्चिमी वृत्त में कम कीमत पर लकड़ी बेचने के मामले की फिर से जांच होगी। निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रकरण में पहले जांच की गई थी, उसको अधूरी माना है। उन्होंने मामले की पुन: तथ्यपरक जांच करने का निर्देश दिया है।

पिछले साल वन निगम के पश्चिमी क्षेत्र के कम कीमत पर लकड़ी बेचने की शिकायत के बाद एमडी ने मामले की जांच कराने का महाप्रबंधक कुमाऊं को आदेश दिया था। इसके बाद मामले की जांच कर रिपोर्ट करीब चार महीने पहले वन निगम मुख्यालय को भेजी गई। सूत्रों के अनुसार इसमें आधार मूल्य से अधिक राशि मिलने के बाद भी लकड़ी कम दर पर बेचने का खुलासा हुआ था।

इसमें 200 से अधिक लौटों में एक करोड़ से अधिक का राजस्व कम मिलने की बात सामने आई थी। इसमें वन निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया गया था। अब इस मामले में प्रबंध निदेशक नीना ग्रेवाल ने महाप्रबंधक कुमाऊं को पुन: जांच कराने का निर्देश दिया है।

इसके पीछे एमडी ने कई तथ्यों को भी उल्लेखित किया है। इसमें कहा गया है कि सबसे पहले शिकायतकर्ता का बयान लिया जाना ठीक होता। शिकायत की वास्तविकता- सत्यता का पता लगाने के लिए प्रश्न कर उत्तर अभिलिखित किया जाना चाहिए। जांच अधिकारी एक पंक्ति ऊंचा होना चाहिए। इसके अलावा जांच अधिकारी को द्वितीय पक्ष को भी सुना जाना या साक्ष्य लिया जाना चाहिए था पर इसका संज्ञान नहीं लिया गया।लौट संख्या- 941 की जांच किया जाना ठीक होता

वन निगम एमडी के पत्र में कहा गया है कि शिकायत लौट संख्या-941 के नीलामी में हुई अनियमितता के संबंध में थी। ऐसे में जांच कार्य कार्यवाही निर्देशानुसार उसकी लौट की जानी ही उचित होती। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में ऐसी लॉट का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिनको पुन: नीलाम में रखने से राजस्व की बढ़ोतरी हुई। क्षेत्रीय प्रबंधक व प्रभागीय प्रबंधक को दिए गए अधिकार का युक्तियुक्त रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया है।