
जिला संयुक्त चिकित्सालय सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी का भार अचानक बढ़ गया है। शनिवार को ओपीडी में 486 मरीज पहुंचे, जिनमें 200 से ज्यादा मरीज सर्दी-बुखार से पीड़ित थे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में ऐसे मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वायरल फीवर, गले में दर्द, बदन दर्द, खांसी और बच्चों में तेज बुखार के मामलों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.आर. यादव ने बताया कि मौसम में तेजी से बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के बीच लोग सावधानी नहीं बरतते, जिसके चलते संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। डॉ. यादव ने बताया कि इस समय अधिकतर मरीज वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और गले में खराश की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने चेताया कि पंखे की हवा और ठंडा पानी इस समय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि बिना डॉक्टर की सलाह दवा न लें, और किसी भी प्रकार का बुखार, गले में दर्द या संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें।
बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहे मामले
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंहा ने बताया कि बच्चों में वायरल संक्रमण के मामलों में भी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में इस समय बुखार, सर्दी-खांसी और सांस संबंधी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं।
क्या करें
-बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं
-ठंडी चीजें न दें
-हाथ धोने की आदत शुरू से डालें
-भीड़भाड़ और धूल से बच्चों को बचाएं
-मौसम बदलने पर तुरंत पहनावे में बदलाव करें
संयुक्त जिला चिकित्सालय में शनिवार को कुल 486 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराकर ओपीडी में इलाज कराया। इसमे ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम बुखार के थे। डॉ.आर.बी.सिंह, सीएमएस
