सुइथाकला/जौनपुर। चोरी के आरोप में जेल भेजे गए एक 24 वर्षीय युवक अजीत कुमार की शुक्रवार रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि पुलिस की बर्बर पिटाई और अवैध वसूली के चलते एक निर्दोष की जान चली गई। मृतक अजीत की मां कैलाशी देवी ने बिलखते हुए बताया कि सोमवार 16 फरवरी को ही तड़के पुलिस उनके बेटे को घर से उठा ले गई थी।
आरोप है कि दो दिनों तक पुलिस उसे अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित करती रही और छोड़ने के बदले डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर बुधवार को उसकी गिरफ्तारी दिखाकर उसे जेल भेज दिया गया। शुक्रवार रात 9 बजे परिवार को सूचना मिली कि अस्पताल में अजीत की मौत हो गई है। दो भाइयों में छोटा अजीत ही परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य जरिया था। उसका बड़ा भाई और भाभी दोनों दिव्यांग हैं। वह बरउत बाजार में एक मैकेनिक के यहां काम कर घर
चलाता था। उसकी मौत से गांव में मातम और पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश है। वहीं, पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। क्षेत्राधिकारी शाहगंज, अजीत सिंह चौहान ने कहा कि उसे 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। मृतक के विरुद्ध चोरी की नामजद प्राथमिकी दर्ज थी और उसे नियमानुसार जेल भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मौत बीमारी की वजह से हुई है।
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