
पीडीडीयू नगर। पड़ाव चौराहे पर बुधवार की आधी रात भीषण जाम लगने से लोगों की नींद हराम हो गई। रेलवे पुलिया के पास करीब 20 दिन पहले लगाए गए लोहे के अवरोधक में एक ट्रक फंस गया, जिसके बाद दोनों दिशाओं में वाहनों की लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे तक 400 से अधिक वाहन जाम में फंसे रहे। गर्मी और थकान से बेहाल यात्री राहत की उम्मीद में इधर-उधर देखते रहे, लेकिन मौके पर कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
रेलवे पुलिया के आगे हाल ही में ऊंचाई नियंत्रण के लिए लोहे का अवरोधक लगाया गया था। रात करीब 12 बजे एक ओवरलोडेड ट्रक उसी अवरोधक में बुरी तरह फंस गया। ट्रक के केबिन और अवरोधक के बीच टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन आगे या पीछे नहीं हो सका, जिससे पूरी सड़क अवरुद्ध हो गई। ट्रक के फंसते ही कुछ ही मिनटों में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कार, ट्रक, बस, ऑटो, एंबुलेंस और बाइक सवार चौराहे पर खड़े रहे। लगन के सीजन के चलते रात में भी आवागमन अधिक था। कई परिवार शादी समारोह से लौट रहे थे और घंटों जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते पुलिस पहुंच जाती तो जाम की स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता था। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को हटाया गया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।
रात में पुलिस नदारद, जाम से जूझते रहे लोग
पड़ाव चौराहा चंदौली का सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहा माना जाता है। दिन में यहां आठ से दस पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन रात 10 बजे के बाद एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। जनवरी माह में रात के समय चौराहे पर हुई दो बड़ी घटनाओं में 15 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद रात्रि गश्त और तैनाती को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शुक्रवार को जाम लगते ही लोगों ने पड़ाव चौकी और यातायात पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में आक्रोश देखा गया।
रात में पुलिस नदारद, जाम से जूझते रहे लोग
पड़ाव चौराहा चंदौली का सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहा माना जाता है। दिन में यहां आठ से दस पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन रात 10 बजे के बाद एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। जनवरी माह में रात के समय चौराहे पर हुई दो बड़ी घटनाओं में 15 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद रात्रि गश्त और तैनाती को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शुक्रवार को जाम लगते ही लोगों ने पड़ाव चौकी और यातायात पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में आक्रोश देखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे पुलिया के पास लोहे का अवरोधक लगाए जाने के बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि भारी वाहन इसमें फंस सकते हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

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