पनचक्की-मुखानी मार्ग पर उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एंजेसी (यूयूएसडीए) ने विकास के नाम पर गड्ढे तो खोद दिए लेकिन भरने के नाम पर लापरवाही चलती रही। यही गड्ढा रविवार दोपहर एक बड़े हादसे का कारण बन गया। करीब 10-11 मीटर चौड़ी सड़क गड्ढे के कारण तीन-चार मीटर में सिमट गई है। इसी संकरी जगह पर कैंटर से पास लेते समय वरिष्ठ नागरिक सुरेश चंद्र पांडेय टायर के नीचे आ गए और उनकी मौत हो गई।
पनचक्की चौराहे से मुखानी चौराहे की दूरी करीब 3.5 किलोमीटर है। इस मार्ग पर सीवर के अलावा पाइप लाइन के लिए यूयूएसडीए ने तीन गड्ढे खोदे हैं। हादसे वाली जगह पर करीब सात मीटर लंबा, छह-सात मीटर चौड़ा और चार-पांच मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया है। इसके बाद चेतावनी बोर्ड लगाकर यूयूएसडीए ने जिम्मेदारी पूरी मान ली जबकि यातायात नियंत्रित करने के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। रही सही कसर पुलिस ने पूरी कर दी। पनचक्की से जिस वाहन को लालडांठ की तरफ निकलना था वह कैंटर आबादी के बीच घुस गया। पनचक्की चौराहे पर भी किसी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं थी।
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