
इस बड़े आंदोलन के दौरान व्यापारियों के बीच की आपसी कलह और गुटबाजी भी खुलकर सतह पर आ गई। सभा के दौरान व्यापारी आपस में ही उलझ गए जिसके चलते तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। जहां एक गुट बाजार बंद कर प्रदर्शन कर रहा था वहीं सेक्टर-2 की ओर जाने वाले मार्ग पर तिरंगा व्यापार संघ से जुड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानें खुली रखीं। तिरंगा चौराहे से छंगा हलवाई मार्ग पर भी सामान्य रूप से व्यापार चलता रहा।
मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल ने दो टूक कहा कि व्यापारियों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि अगर बुलडोजर बाजार में आता है, तो व्यापारी उसके आगे लेट जाएंगे। वहीं महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने आवास विकास के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति संजीव पुंडीर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सरकार से नहीं बल्कि आवास विकास के अधिकारियों और आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना से है। वहीं पूर्व पार्षद सतीश गर्ग ने बताया कि वे ऊर्जा राज्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के संपर्क में हैं ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके और व्यापारियों का रोजगार न उजड़े।
आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि व्यापारियों ने आवास विकास कार्यालय के बाहर टेंट लगा दिया है। किसान मजदूर संगठन के महानगर अध्यक्ष विजय राघव, सुदीप जैन, एडवोकेट राहुल मलिक, संजीव रस्तोगी, नमन रूहेला, नानक शर्मा, शील निदान वशिष्ठ और ओमकार समेत दर्जनों कार्यकर्ता रात में भी धरने पर डटे रहे। मौके पर रजाई-गद्दे बिछा दिए गए हैं और व्यापारियों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह बेमियादी धरना जारी रहेगा।

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