March 7, 2026

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मेन सेंट्रल मार्केट बंद कर व्यापारियों ने निकाला जुलूस, आवास विकास के गेट पर डाला बेमियादी डेरा

Traders closed the Main Central Market and took out a procession, setting up an indefinite camp at the gate of Awas Vikas.
शास्त्रीनगर स्थित मुख्य सेंट्रल मार्केट की सूरत इन दिनों बदली-बदली नजर आ रही है। ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई के डर से व्यापारियों में इस कदर दहशत है कि कई दुकानदारों ने खुद ही दुकानों के शटर हटाकर दरवाजे लगा दिए हैं तो कुछ ने दीवारें खड़ी कर दी हैं। इसी संकट के बीच शुक्रवार को व्यापारियों ने बाजार बंद कर जोरदार जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने अब आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय के मुख्य गेट पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर बाजार में बुलडोजर नहीं घुसने देंगे। रात में भी व्यपारी धरने पर डटे रहे।

बाजार में गहराते तनाव को देखते हुए शुक्रवार सुबह एडीएम सिटी बृजेश सिंह खुद व्यापारियों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। व्यापारियों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। दरअसल पहले व्यापारी गुट ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए देर रात व्यापारियों को मार्च न निकालने के लिए मना लिया था। इसके बाद व्यापारियों ने आवास विकास कार्यालय पर ही डेरा डाल दिया।

इस बड़े आंदोलन के दौरान व्यापारियों के बीच की आपसी कलह और गुटबाजी भी खुलकर सतह पर आ गई। सभा के दौरान व्यापारी आपस में ही उलझ गए जिसके चलते तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। जहां एक गुट बाजार बंद कर प्रदर्शन कर रहा था वहीं सेक्टर-2 की ओर जाने वाले मार्ग पर तिरंगा व्यापार संघ से जुड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानें खुली रखीं। तिरंगा चौराहे से छंगा हलवाई मार्ग पर भी सामान्य रूप से व्यापार चलता रहा।

मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल ने दो टूक कहा कि व्यापारियों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि अगर बुलडोजर बाजार में आता है, तो व्यापारी उसके आगे लेट जाएंगे। वहीं महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने आवास विकास के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति संजीव पुंडीर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सरकार से नहीं बल्कि आवास विकास के अधिकारियों और आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना से है। वहीं पूर्व पार्षद सतीश गर्ग ने बताया कि वे ऊर्जा राज्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के संपर्क में हैं ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके और व्यापारियों का रोजगार न उजड़े।

आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि व्यापारियों ने आवास विकास कार्यालय के बाहर टेंट लगा दिया है। किसान मजदूर संगठन के महानगर अध्यक्ष विजय राघव, सुदीप जैन, एडवोकेट राहुल मलिक, संजीव रस्तोगी, नमन रूहेला, नानक शर्मा, शील निदान वशिष्ठ और ओमकार समेत दर्जनों कार्यकर्ता रात में भी धरने पर डटे रहे। मौके पर रजाई-गद्दे बिछा दिए गए हैं और व्यापारियों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह बेमियादी धरना जारी रहेगा।