July 25, 2024

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Agra: अस्थायी शराब लाइसेंस की आड़ में राजस्व की चोरी…विदेशी बालाओं की महफिल, अधिकारी बेखबर

आगरा में अस्थायी शराब लाइसेंस की आड़ में नाइट क्लब, रूफटॉप व डिस्को बार से लेकर होटलों में राजस्व चोरी का ‘खेल’ हो रहा है। जिम्मेदार बेखबर हैं। छह घंटे के अस्थायी लाइसेंस पर रोज हुक्का, गांजा व शराब की महफिल सज रही हैं। रशियन बालाओं के डांस से लेकर अश्लीलता तक परोसी जा रही है।

पर्यटन नगरी में 100 से ज्यादा रूफटॉप, नाइट क्लब और डिस्को बार खुल गए हैं। इनके पास सिर्फ खाद्य लाइसेंस है, रेस्तरां चला सकते हैं। पुलिस, एडीए, अग्निशमन व प्रशासन की अनुमति के बिना बहुमंजिला इमारतों की छत पर रेस्तरां की आड़ में रूफटॉप संचालित हैं। रोज महफिल सज रही हैं। जहां अफसर से लेकर नेता और कारोबारी तक पहुंचते हैं।

इसी तरह शहर में 700 से अधिक होटल हैं। जिनमें 100 से अधिक होटल व 50 से अधिक रूफटॉप व क्लब में शराब परोसी जा रही हैं। आबकारी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के लिए 69 होटल व रूफटॉप ने शराब पिलाने का स्थायी लाइसेंस है।

11 हजार में 10 लाख रुपये का काम

शराब पिलाने का अस्थायी लाइसेंस शुल्क 11 हजार रुपये है। जिसमें छह घंटे की समय सीमा होती है। अधिकांश अस्थायी लाइसेंस सहालग में जारी होते हैं। परंतु, आबकारी विभाग से रूफटॉप, क्लब और बार को भी अस्थायी लाइसेंस दिए जा रहे हैं। जबकि 365 दिन के शराब लाइसेंस का शुल्क 10 लाख रुपये है। पांच सितारा होटल में यह 25 लाख रुपये तक होता है।

हुक्का व मादक पदार्थों की नहीं होती जांच
एक तरफ एक दिन के अस्थायी लाइसेंस की आड़ में नियमित परोसी जा रही शराब का जिम्मेदार सत्यापन नहीं करते, जिससे राजस्व चोरी पर अंकुश लगे। दूसरी तरफ हुक्का पिलाना प्रतिबंधित है, फिर भी रूफटॉप व क्लब में अवैध रूप से हुक्का पिलाने की जांच नहीं होती। हुक्का के साथ मादक पदार्थ और अश्लीलता परोसी जा रही है।

जोरो नाइट क्लब से फुटेज गायब
ताजनगरी फेज-2 स्थित जोरो नाइट क्लब में 22 जून की रात बवाल हुआ था। ताजगंज पुलिस ने क्लब को सील कर दिया। क्लब के पास रात 12 बजे तक शराब पिलाने का अस्थायी लाइसेंस था। आरोप है कि क्लब में रोज रातभर शराब परोसी जाती थी। पुलिस की जांच में क्लब की सीसीटीवी फुटेज गायब है। जिससे यह पता नहीं चलता कि रोज शराब परोसी जा रही थी या नहीं।
क्षेत्रीय पुलिस की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि अश्लीलता, मादक पदार्थ व आपराधिक गतिविधियों पर रोक क्षेत्रीय पुलिस की जिम्मेदारी है। संबंधित थाने की एनओसी पर ही लाइसेंस जारी होता है। आबकारी विभाग से अस्थायी लाइसेंस धारकों का सत्यापन कराया जाएगा।

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