पुराने शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने विरोध में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षण कार्य, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी, बीआरसी प्रशिक्षण में काली पट्टी के साथ सहभागिता कर सरकार के निर्णय के प्रति असंतोष व्यक्त किया।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना था कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 15, 20, 25, 30 वर्ष पूर्ण हो चुकी है उन पर टीईटी थोपना सरासर अन्यायपूर्ण है। इसे समाप्त किया जाए। टीईटी की अनिवार्यता को लेकर बहुत से शिक्षक अपने आगे की सेवा के लिए चिंतित हैं।
3 दिन काली पट्टी बांधकर अपना कार्य करने के बाद जिले के परिषदीय शिक्षक टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर शाम कलेक्ट्रेट तक मार्च करेंगे और वहां पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपेंगे।
उत्तरप्रदेश प्राथमिक शिक्षक सघ के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि 2011 से पूर्व चयन के लिए जो शैक्षिक योग्यता निर्धारित थी, उसी के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई थी। अब इतने वर्षों बाद नई योग्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है।