लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे जब हावड़ा से जम्मूतवी जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची, तब बोगियों से उतरते यात्रियों के चेहरों पर ठंड और थकान साफ नजर आ रही थी। घने कोहरे और तेज गलन के बीच ट्रेन पहले ही लेट चल रही थी, ऊपर से बोगियों के भीतर ठंड से राहत न मिलने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई
जनरल और स्लीपर ही नहीं, बल्कि आरक्षित और एसी श्रेणी के यात्री भी ठंड के कहर से जूझते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि बोगियों के अंदर तापमान नियंत्रित रखने की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। ठंडी हवा का असर लगातार बना रहा, जिससे पूरी रात नींद लेना मुश्किल हो गया।
लखनऊ-यशवंतपुर और उत्सर्ग एक्सप्रेस के यात्रियों ने भी इसी तरह की परेशानी बताई। उत्सर्ग एक्सप्रेस की थर्ड एसी इकॉनमी बोगी एम-2 में सफर कर रहे कुमार सुशील ने बताया कि महंगा टिकट लेने के बाद भी ठंड लगती रही। सीट पर बैठे-बैठे समय काटना पड़ा। आरक्षित श्रेणी में भी ऐसी स्थिति होना गंभीर चिंता का विषय है।
यात्रियों के अनुसार, कुछ बोगियों में ठंडी हवा रोकने के लिए अस्थायी तौर पर इंतजाम किए गए थे, लेकिन इससे खास राहत नहीं मिली। कोहरे और लेट ट्रेनों के बीच यह इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। पहाड़ों से आ रही गलन भरी पछुआ हवाओं के असर से शुक्रवार को अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़क कर 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। ये इस बार के ठंड के सीजन में दर्ज हुआ सबसे कम अधिकतम तापमान है। शुक्रवार को सुबह की शुरुआत ही घने कोहरे से हुई। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
शुक्रवार को ठंड ने राजधानी में कई रिकॉर्ड बनाए। अधिकतम तापमान के पैमाने पर लखनऊ में यह साल 2025 का तीसरा सबसे कम तापमान वाला दिन साबित हुआ। इस वर्ष 5 व 7 जनवरी को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सबसे कम था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 7.5 डिग्री कम रहा। इससे दिन में ठंड और गलन के जोर का अंदाज लगाया जा सकता है।
अधिकतम तापमान में कमी के पीछे कोहरा एक बड़ी वजह रहा। सुबह घने कोहरे के कारण दोपहर एक बजे तक सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए।दोपहर में धुंध छटने पर धूप तो निकली, लेकिन सर्द हवाओं के आगे ज्यादा गर्मी न दिखा सकी। नतीजा, अधिकतम तापमान को बढ़ने का मौका ही नहीं मिला।
शीतलहर का असर पूरे दिन महसूस किया गया। धूप में भी हाथ-पैर में गलन का अहसास बना रहा। सर्दी का सितम देख बुजुर्ग लोगों ने घर में रूम हीटर और अलाव के पास ही वक्क गुजारना मुनासिब समझा। शाम होते ही गलन फिर से बेकाबू महसूस हुई। कोहरे का असर भी देखने को मिला।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से इस भीषण ठंड-गलन और कोहरे से थोड़ी राहत मिल सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार से लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। राजधानी में इसके असर से दिन के तापमान में बढ़त आएगी। कोहरे में भी कमी देखने को मिल सकती है। विक्षोभ के असर से चार से पांच दिन तक तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।
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