मेरठ कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच भी मेरठवासियों ने नए साल का स्वागत धूमधाम से किया। 31 दिसंबर की रात 12 बजते ही शहर “हैप्पी न्यू ईयर 2026” की बधाइयों और आतिशबाजी की चमक से रोशन हो उठा। होटल, रिसॉर्ट्स, मंडप और रेस्टोरेंट्स में डीजे की धुनों व रंग-बिरंगी लाइटों ने ठंड को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि नए साल के पहले दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप जारी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। सुबह कोहरा छंटने के बाद सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। कई दिनों से न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि आने वाले दिनों में शीतलहर और घना कोहरा बना रहेगा, साथ ही आज बूंदाबांदी के आसार हैं। घने कोहरे व प्रदूषण से दृश्यता प्रभावित रही। शहर का एक्यूआई 316 पर पहुंचकर लाल श्रेणी में है। गंगानगर, जयभीम नगर, पल्लवपुरम, बेगमपुल और दिल्ली रोड जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर चिंताजनक बना हुआ है।
ठंड और प्रदूषण के दोहरे असर से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, गले में खराश और सांस की तकलीफ के मरीजों की भीड़ लगी रही। बुधवार को ओपीडी में 3715 मरीज दर्ज किए गए।
सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने कहा कि ठंड व प्रदूषण से अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ रही हैं। नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. बीपी कौशिक ने मास्क पहनने और सावधानी बरतने की सलाह दी।
मौसम विभाग के अनुसार ठंड से राहत की उम्मीद कम है, लेकिन मेरठवासियों के जश्न ने साबित कर दिया कि उत्साह किसी सर्दी से बड़ा होता है।

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