January 13, 2026

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कानपुर में बड़ा घोटाला उजागर: बिना ई-टेंडर के 30 लाख+ के घटिया घाट निर्माण, अब री-टेंडर कर भुगतान की तैयारी

कानपुर नगर निगम के जोन-5 में सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है।  की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, छठ पूजा के लिए नहर पर बनाए गए घाटों और संबंधित कार्यों में लगभग 30 लाख रुपये से अधिक का काम बिना ई-टेंडर प्रक्रिया के ही जनप्रतिनिधियों के करीबियों को सौंप दिया गया। अब जब भुगतान की बारी आई, तो पिछली तारीखों में टेंडर दिखाकर पैसा देने की तैयारी चल रही है।

यहां सीटीआई नहर पर बने घाट के कुछ दृश्य, जहां पत्थर उखड़ रहे हैं और निर्माण की खराब गुणवत्ता साफ दिख रही है:

मुख्य आरोप और खामियां

  • ई-टेंडर की अनदेखी: शासन की ई-टेंडर व्यवस्था का उल्लंघन, जिसका मकसद पारदर्शिता और कम दर पर अच्छा काम सुनिश्चित करना है।
  • खराब गुणवत्ता: पत्थर टूटकर निकल रहे हैं, स्टील रेलिंग हिल रही है, और निर्माण निम्न स्तर का है।
  • सिल्ट डंपिंग: सिंचाई विभाग से निकली सिल्ट को घाटों पर ही डाल दिया गया, जिससे घाटों की हालत और बिगड़ी और रास्ते जाम हो गए।
  • जनप्रतिनिधियों के करीबी: ज्यादातर काम उनके रिश्तेदारों या निकट संबंधियों को दिए गए।

यहां घाटों पर लगी स्टील रेलिंग और टूटते पत्थरों के कुछ और उदाहरण, जहां गुणवत्ता की पोल खुल रही है:

विभिन्न वार्डों में कार्यों का विवरण (अनुमानित लागत)

  • वार्ड 34: रतनलालनगर में गुरुद्वारा के पास नहर पर घाट निर्माण – 9.93 लाख
  • वार्ड 55: झांसी लाइन के पास घाट निर्माण व छठ पूजा घाट की रंगाई-पुताई – 9.10 लाख
  • वार्ड 45: गुलाब गार्डेन में पूजा घाट की रंगाई-पुताई व मरम्मत – 9.86 लाख
  • वार्ड 07: सीटीआई पूजा स्थल, गोपालनगर में घाट की रंगाई-पुताई – 1.91 लाख
  • वार्ड 72: पाल ढाबा के पास घाट निर्माण – 9.82 लाख

कुल: 30 लाख+ रुपये

जोन-5 अधिशासी अभियंता का बयान

कमलेश पटेल ने कहा: “कुछ कार्य आपात स्थिति में कराए जाते हैं। छठ पूजा के समय नहर में काम जरूरी था, इसलिए जल्दबाजी में कराए गए। कंपनियों को भुगतान के लिए अब री-टेंडरिंग कराई जा रही है।”

यह मामला पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के पैसे के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय लोग और विपक्षी नेता जांच की मांग कर रहे हैं। क्या यह सिर्फ “आपातकालीन” काम था या व्यवस्थित अनियमितता? जांच में ही सच सामने आएगा।

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