
समझौते के अनुसार, ड्युअल उपाधि कार्यक्रम में नामांकित शोधार्थी अपनी पढ़ाई का एक हिस्सा गोरखपुर विश्वविद्यालय में व एक हिस्सा लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज, मलेशिया में पूर्ण करेंगे। यह सहयोग स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विद्या वाचस्पति स्तर तक विस्तारित रहेगा। विद्या वाचस्पति (पीएचडी के समकक्ष) शोधार्थियों का निर्देशन दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षक करेंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि ड्युअल उपाधि कार्यक्रम के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, संयुक्त शैक्षणिक मार्गदर्शन व वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त उपाधि अर्जित करने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान सुदृढ़ होगी। लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज के अध्यक्ष अमिया भौमिक ने कहा कि इस सहयोग से संकाय आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं व प्रकाशन आदि को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर प्रो. अजय सिंह, प्रो. कीर्ति पांडेय, प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. चंद्रशेखर, प्रो. श्रीवर्धन पाठक, प्रो. निखिल कांत शुक्ल, प्रो. दिनेश यादव, प्रो. मनीष श्रीवास्तव व डॉ. रामवंत गुप्ता आदि उपस्थित रहे।