January 20, 2026

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मतदाता सूची में वोटरों का पता गलत होना सामान्य बातआयोग ने दिए सुधार के निर्देश, सपा ने उठाए थे सवाल

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में वोटरों के पते गलत दर्ज होने का मुद्दा हाल ही में चर्चा में रहा है, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा उठाए गए सवालों के बाद।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Uttar Pradesh) नवदीप रिणवा के आधिकारिक एक्स अकाउंट (@ceoup) से 15 जनवरी 2026 को जारी स्पष्ट जवाब में कहा गया है कि यह समस्या बहुत सामान्य है और यह विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की वजह से नहीं हुई है।

मुख्य बिंदु आयोग के जवाब से:

  • वोटर लिस्ट में अलग-अलग व्यक्तियों के नामों के सामने एक ही मकान नंबर आ जाना दशकों पुरानी आम गलती है, जो कई विधानसभाओं और मतदान केंद्रों में मौजूद है।
  • इसका कारण:
    • गांवों में ज्यादातर मकानों का कोई आधिकारिक नंबर नहीं होता, इसलिए नोशनल (काल्पनिक) नंबर दिए जाते हैं।
    • शहरों में कई मकानों के सामने 0 या 00 लिखा जाता है, या वार्ड रजिस्टर के आधार पर नोशनल नंबर इस्तेमाल होते हैं।
    • रामपुर जिले के मिलक नगर पालिका का उदाहरण: दो अलग-अलग परिवारों (अलग वार्डों में) का नोशनल मकान नंबर एक जैसा होने से लिस्ट में समस्या दिखी, क्योंकि अनुभाग (sections) ठीक से नहीं बंटे थे और वार्ड नंबर नहीं अंकित था।
  • SIR के दौरान वोटर लिस्ट में किसी विवरण को संशोधित नहीं किया गया; यह समस्या पहले से चली आ रही है।

सुधार के लिए निर्देश जारी:

आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) को निर्देश दिए हैं कि:

  • हर पोलिंग स्टेशन के मतदान क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में स्पष्ट रूप से परिभाषित अनुभाग (well-demarcated sections) बनाए जाएं।
  • डेटाबेस में मकान नंबर के साथ गली, मोहल्ला या सड़क का नाम भी दर्ज किया जाए, ताकि इलाका तुरंत स्पष्ट हो।
  • BLO सुपरवाइजर सभी बूथों की लिस्ट चेक करके ऐसी त्रुटियों को चिह्नित करें और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले सुधार लें।
  • इससे BLO को वोटर ढूंढने में आसानी होगी और मतदाता पर्ची बांटना भी सरल बनेगा।

यह जवाब सपा द्वारा SIR के बाद वोटरों की संख्या कम होने और गलत पते के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के जवाब में आया है। ध्यान दें कि SIR के तहत 6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे (मृत, स्थानांतरित आदि कारणों से), और दावे-आपत्तियां 6 फरवरी तक दर्ज की जा सकती हैं।

अगर आपका नाम या पता गलत है, तो Form 8 भरकर सुधार करवाएं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट