जारी खबर के अनुसार, योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) नीति 2024 के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है: प्रदेश में 1000 से अधिक GCC स्थापित करना, जिससे 5 लाख से अधिक युवाओं को हाई-स्किल, हाई-वैल्यू रोजगार मिलेगा। यह नीति उत्तर प्रदेश को IT, R&D, फाइनेंस, AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
GCC क्या है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) बड़ी विदेशी या भारतीय मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) के खुद के नियंत्रण वाले ऑफशोर यूनिट होते हैं, जहां महत्वपूर्ण कार्य जैसे IT सर्विसेज, इंजीनियरिंग, फाइनेंस, HR, इनोवेशन और R&D खुद के कर्मचारियों द्वारा किए जाते हैं (बाहरी वेंडर की बजाय)। ये पहले केवल कॉस्ट-सेविंग बैक-ऑफिस थे, लेकिन अब AI, क्लाउड, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों के साथ इनोवेशन हब बन चुके हैं।
वर्तमान स्थिति और लक्ष्य
- वर्तमान में: प्रदेश में लगभग 90 GCC संचालित हैं (जनवरी 2026 तक के आंकड़े)।
- लक्ष्य: 1000+ नए GCC आकर्षित करना, जिससे 5 लाख+ प्रत्यक्ष रोजगार सृजन होगा। यह विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों (जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर) में फोकस करेगा, ताकि क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो और प्रतिभा पलायन रुके।
- प्रभाव: स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव, बेहतर सैलरी और करियर ग्रोथ मिलेगी। साथ ही, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को USD 1 ट्रिलियन बनाने के लक्ष्य में मदद मिलेगी।
नीति की मुख्य विशेषताएं और प्रोत्साहन (UP GCC Policy 2024)
योगी सरकार ने निवेशकों की प्रमुख चिंताओं (नियमों की अनिश्चितता, देरी) को दूर करने के लिए स्पष्ट फ्रेमवर्क बनाया है। Invest UP को नोडल एजेंसी बनाया गया है। प्रमुख इंसेंटिव्स:
- भूमि सब्सिडी: 30-50% तक (क्षेत्र के आधार पर, जैसे बुंदेलखंड/पूर्वांचल में 50%)।
- स्टांप ड्यूटी: 100% छूट।
- कैपिटल सब्सिडी: Level-1 GCC के लिए ₹10 करोड़ तक, Advanced के लिए ₹25 करोड़ तक।
- ऑपरेशनल सब्सिडी: 20% ऑपरेटिंग खर्च पर (लीज, बिजली, बैंडविड्थ आदि), Level-1 के लिए ₹40 करोड़/वर्ष तक, Advanced के लिए ₹80 करोड़/वर्ष तक (5 वर्ष)।
- पेरोल सब्सिडी: कर्मचारियों पर ₹1.2-1.8 लाख/वर्ष तक (UP डोमिसाइल, महिलाओं/SC/ST के लिए ज्यादा)।
- अन्य: IPR (पेटेंट) के लिए 100% रीइंबर्समेंट (₹5-10 लाख), स्किल डेवलपमेंट सब्सिडी, स्टार्टअप आइडिएशन सपोर्ट, इंटरेस्ट सब्सिडी आदि।
- SOP-2025: जनवरी 2026 में कैबिनेट ने GCC नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर मंजूर किया, जिससे निवेश तेज होगा।
क्यों UP GCC के लिए आकर्षक?
- टैलेंट पूल: 56% कार्यशील उम्र की आबादी, सालाना लाखों ग्रेजुएट्स (IIT कानपुर, IIM लखनऊ जैसे संस्थान)।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: NCR के नजदीक, Noida में YEIDA क्षेत्र में टेक पार्क, डेटा सेंटर, AI सिटी, सेमीकंडक्टर हब।
- कॉस्ट एडवांटेज: मेट्रो शहरों से 14-45% कम लागत (रियल एस्टेट, टैलेंट, लिविंग)।
- सरकारी फोकस: समयबद्ध क्रियान्वयन, जवाबदेही, टियर-2/3 शहरों में विस्तार।
यह पहल भारत के GCC सेक्टर (जो 2030 तक $110 बिलियन+ का होने का अनुमान) में UP को मजबूत स्थान दिलाएगी। कई बड़ी कंपनियां (जैसे Microsoft, TCS, HCL) पहले से ही Noida में मौजूद हैं और विस्तार की योजना बना रही हैं।
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