गोरखपुर
से जुड़ी एक ठगी की घटना की है, जो और अन्य स्रोतों (जैसे दैनिक भास्कर, गोरखपुर पुलिस के आधिकारिक अपडेट) में प्रकाशित हुई है।
मुख्य घटना का सारांश
- आरोपी: संजीव कुमार (बेलीपारके के चेरिया गांव का निवासी)।
- ठगी का तरीका: आरोपी ने पीड़ितों को उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी और रेलवे में ठेका दिलाने का झांसा दिया।
- राशि: कुल 29 लाख रुपये की ठगी की गई।
- शिक्षा विभाग की नौकरी के नाम पर 14 लाख रुपये (पीड़ित दीनानाथ यादव से)।
- रेलवे ठेके के नाम पर 15 लाख रुपये (कोलकाता के रौनक से), साथ ही अतिरिक्त मांगें जैसे 80,000 रुपये और 25 करोड़ का फर्जी चेक दिखाकर विश्वास दिलाया।
- धोखाधड़ी के तरीके:
- प्रशिक्षण के बहाने पीड़ित को गोरखपुर से मथुरा और आगरा भेजा गया, लेकिन कोई प्रशिक्षण या नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
- फर्जी जॉइनिंग लेटर और ट्रांसफर के नाम पर और पैसे मांगे गए।
- अन्य लोगों (जैसे राजू सिंह मथुरा से, संजय सिंह आगरा से) से मुलाकात कराई गई।
- गिरफ्तारी: खोराबार पुलिस ने मंगलवार (21 जनवरी 2026 के आसपास) को आरोपी को गिरफ्तार किया। बुधवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
- अन्य विवरण: पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, साथियों की तलाश जारी है, और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
पीड़ित का बयान
खोराबार, मीरजापुर निवासी दीनानाथ यादव (किसान) ने 2023 में संजीव कुमार से जान-पहचान होने के बाद यह धोखा खाया। शुरुआत में नौकरी का लालच दिया गया, फिर लगातार पैसे मांगे गए।
यह मामला नौकरी और ठेके के नाम पर ठगी के आम पैटर्न का उदाहरण है, जहां फर्जी वादे और दस्तावेजों से लोगों को लूटा जाता है। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है और आगे की जांच जारी है।
सावधानी: ऐसी ठगी से बचने के लिए सरकारी नौकरी/ठेके केवल आधिकारिक वेबसाइट्स/प्रक्रिया से ही लें, किसी व्यक्ति को पैसे न दें। यदि ठगी हो तो तुरंत पुलिस/साइबर सेल में शिकायत करें।
और गोरखपुर पुलिस के सोशल मीडिया अपडेट से भी कन्फर्म हुई है।)

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