
राजधानी लखनऊ में बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में धार्मिक पर्व, त्योहार, पूजा-पाठ और स्नान जैसे आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप हाल के वर्षों में बढ़ा है, जो नए विवाद, तनाव और संघर्ष को जन्म दे रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है। इससे लोगों का दुखी होना स्वाभाविक है।
शनिवार को जारी बयान में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के चलते धर्म को राजनीति से और राजनीति को धर्म से जोड़ने के खतरे बने रहते हैं। प्रयागराज में स्नान को लेकर चल रहा विवाद, आपसी अनादर और आरोप-प्रत्यारोप इसका ताजा उदाहरण है। इससे हर हाल में बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश का संविधान और कानून जनहित को ही वास्तविक राष्ट्रीय धर्म मानता है। राजनीति और धर्म को अलग रखने पर जोर देता है। मायावती ने अपील की कि प्रयागराज का विवाद आपसी सहमति से शीघ्र सुलझाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
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