February 2, 2026

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वाराणसी में तीन दिन रूट डायवर्जन, रविदास मंदिर मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक

वाराणसी में संत रविदास जयंती के अवसर पर तीन दिनों तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यह व्यवस्था 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) सुबह 8 बजे से 1 फरवरी 2026 (रविवार) रात 12 बजे तक चलेगी, यानी कुल 64 घंटे तक।

संत रविदास जयंती मुख्य रूप से माघ पूर्णिमा (1 फरवरी 2026, रविवार) को मनाई जाती है, जब वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर (रविदास जन्मस्थान) में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने रविदास मंदिर और आसपास के इलाकों में सामान्य वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाया है।

मुख्य प्रतिबंध और प्रभावित मार्ग

  • रविदास मंदिर मार्ग: मंदिर की ओर सभी प्रकार के वाहनों पर पूरी तरह रोक। संत रविदास मंदिर तिराहे से आगे कोई वाहन नहीं जा सकेगा।
  • सामनेघाट पुल: रामनगर चौराहे से शहर की ओर आने वाले वाहन इस पुल पर नहीं जाएंगे। इन्हें टेंगरा मोड़ होते हुए एनएच-19 की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
  • भगवानपुर मोड़: यहां से मंदिर की ओर जाने वाले सभी वाहन रोके जाएंगे और नगवा या मालवीय गेट की ओर भेजे जाएंगे।
  • रमना चौकी तिराहा: मंदिर तिराहे की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। इन्हें डाफी की ओर मोड़ा जाएगा।
  • रविदास गेट: लंका और नगवा चौकी की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। इन्हें मालवीय गेट की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
  • मारुति नगर तिराहा: भगवानपुर (संत सरवनदास यात्री निवास) की ओर आवागमन बंद।
  • लौटूबीर अंडरपास चौराहा: कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य वाहन मंदिर की ओर नहीं जाएंगे। इन्हें नुवाव चौराहे की ओर भेजा जाएगा।
  • अमेठी कोठी तिराहा: रविदास घाट की ओर जाने वाले वाहन रविदास गेट या नगवा चौकी की ओर डायवर्ट।
  • नगवा चौकी: भगवानपुर मोड़ की ओर जाने वाले वाहन सामनेघाट की ओर भेजे जाएंगे।
  • नरिया तिराहा: बीएचयू चौराहे की ओर जाने वाले वाहन करौंदी की ओर मोड़े जाएंगे (नुवाव अंडरपास और भिखारीपुर तिराहा होते हुए)।
  • बसों और भारी वाहनों के लिए: एनएच-19 के पास पुराने रमना पुलिस चौकी के पास से कार्यक्रम संबंधित बसों को छोड़कर अन्य बसें अखरी और टेंगरा मोड़ की ओर डायवर्ट।

एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए हैं। केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को विशेष अनुमति मिलेगी।

वाराणसी वासियों और आने वाले यात्रियों से अपील है कि वे इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। जयंती के दौरान भजन-कीर्तन, शोभायात्रा और अन्य कार्यक्रम होंगे, इसलिए भीड़ का ध्यान रखें और सहयोग करें।