
कानपुर में मंधना-अनवरगंज के बीच प्रस्तावित 15.21 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण से पहले हो रहे जमीन के सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है। अंश निर्धारण सर्वे के दौरान मंधना से कल्याणपुर तक आठ गांवों और शहरी क्षेत्र की सरकारी जमीन पर 180 से अधिक मकान अवैध रूप बने मिले हैं। लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और रेलवे के इंजीनियरों की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा सर्वे लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है
फर्जी दावों पर लगाई जा सके रोक
इनमें बैरी अकबरपुर, जुही खुर्द, गोगूमऊ, चौबेपुर कलां, बगदौधी बांगर, परगही बांगर, नारामऊ और कल्याणपुर शामिल हैं। इस दौरान सामने आया कि सैकड़ों मकान सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाए गए जिन्हें अब परियोजना के तहत चिह्नित कर लिया गया है। भूस्वामियों की पहचान गाटा संख्या के आधार पर की जा रही है ताकि मुआवजा वितरण में कोई गड़बड़ी न हो और फर्जी दावों पर रोक लगाई जा सके।
50 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
करीब 1,115 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहर के अंदर यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल देगा। इसके निर्माण से मंधना से जरीब चौकी तक पड़ने वाली 18 रेलवे समपार क्रॉसिंग समाप्त हो जाएंगी जिससे रोजाना लगने वाले जाम से करीब 50 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। एलिवेटेड ट्रैक के लिए कुल 22,306 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
36 करोड़ का मुआवजा जारी लेकिन रजिस्ट्री गिनी-चुनी
शासन ने भूस्वामियों को मुआवजा देने के लिए 36 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को जारी कर दिए हैं। अब तक केवल दो भूमि की रजिस्ट्री हो सकी है जिनके मुआवजा चेक भी संबंधित लोगों को सौंप दिए गए हैं। अभी कल्याणपुर कला और बगदौधी बांगर के संपत्ति मालिकों की रजिस्ट्री होना बाकी है। यह कार्य इस सप्ताह में पूरा हो सकता है।ग्रामीण क्षेत्र के आठ गांवों और शहरी क्षेत्र में कोकाकोला क्रॉसिंग तक सर्वे लगभग पूरा हो गया है। अभी तक दो रजिस्ट्री हुई हैं। जो मकान सही पाए जाएंगे, उनकी रजिस्ट्री कराकर मुआवजा दे दिया जाएगा। -अनूप मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
