February 6, 2026

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बनारसी यादवपैसे के लिए 3 साल में की तीन हत्याएं, प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में शूटर विशाल की तलाश

Banarasi Yadav committed three murders in three years for money police searching for Vishal shooter

एक लाख के इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव का आपराधिक इतिहास जितना लंबा था, उतना ही खतरनाक भी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसने केवल चोलापुर थाना क्षेत्र में ही छह मुकदमे दर्ज करवा रखे थे, जबकि पूरे अपराध पर नजर डालें तो 21 से ज्यादा मामले हैं। चोलापुर में उसने साल 2005 से 2007 के बीच तीन वर्षों में तीन हत्याएं की। इनमें से एक चर्चित टायर कारोबारी की हत्या भी थी

सारनाथ में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या न होती, तो बनारसी यादव शायद लंबे समय तक पुलिस की रडार से बाहर ही रहता। यही हत्या उसके लिए सबसे बड़ी भूल साबित हुई। पुलिस के अनुसार, बनारसी यादव को आधुनिक हथियारों का शौक था। वह हमेशा अपने पास नाइन एमएम पिस्टल रखता था। मुठभेड़ स्थल से भी दो पिस्टल, 30 माउजर और .32 बोर का असलहा साथ ही गोलियां मिलीं। लेकिन नंदगंज में साल 2015 में हुए दोहरे हत्याकांड में बनारसी ने कारबाइन से हत्या की थी।
सारनाथ में हुई प्रॉपर्टी डीलर महेंद्र गौतम हत्याकांड में शामिल एक अन्य शूटर, गाजीपुर के दुल्लहपुर शंकरपुर निवासी विशाल यादव की तलाश में एसटीएफ जुटी है। जबकि जनवरी में सारनाथ पुलिस ने हत्या में शामिल शूटर अरविंद यादव निवासी गाजीपुर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। चौबेपुर में साल 2005 में हुई हत्या, साल 2006 में हुई हत्या और साल 2007 में हुई हत्या के अलावा तीन अन्य मामलों में, जिसमें आर्म्स एक्ट समेत हत्या के प्रयास के भी मामले थे।

पैसे और विवादित प्रॉपर्टी का था नशा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बनारसी की व्यक्तिगत दुश्मनी बहुत कम थी। उसका असली खेल पैसों और विवादित जमीन के इर्द-गिर्द घूमता था। वह ऐसे मामलों में खुद को सुपारी किलर के तौर पर पेश करता था और मोटी रकम लेकर लोगों को रास्ते से हटाता था।

सारनाथ में हुई हत्या से एक सप्ताह पहले ही बनारसी यादव ने सारनाथ और उसके आसपास अपना ठिकाना बना लिया था और मौका देख तीन अन्य शूटरों के साथ महेंद्र गौतम की हत्या को अंजाम दिया था, और पूरा खेल 50 करोड़ की प्रॉपर्टी को लेकर था। बनारसी यादव के गाजीपुर के कुछ बड़े माफिया से सीधे संपर्क थे। इन्हीं संपर्कों के जरिए उसे हथियार, शरण और काम मिलता था। अब उसके संपर्कों, फाइनेंसरों और सपोर्ट सिस्टम को खंगाला जा रहा है।