February 6, 2026

TNC Live TV

No.1 News Channel Of UP

90 हजार वोटों की जांच, 9200 डुप्लीकेट अधिकतर विशेष वर्ग के, यह वोट जेहाद; मंत्री ने डीएम को सौंपा पत्र

वाराणसी में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार में स्टांप एवं पंजीयन मंत्री तथा वाराणसी उत्तरी विधानसभा से विधायक रविंद्र जायसवाल ने दावा किया है कि एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद जारी फाइनल वोटर लिस्ट में 9,200 डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं। उन्होंने इसे “वोट जेहाद” करार देते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है।

मुख्य आरोप और विवरण:

  • एसआईआर शुरू होने से पहले वाराणसी उत्तरी में 4.45 लाख मतदाता थे।
  • एसआईआर के दौरान 1.10 लाख वोट कट गए।
  • 6 जनवरी 2026 को जारी फाइनल लिस्ट की जांच में 90 हजार मतदाताओं की सत्यापन टीम (40 सदस्यों वाली) ने किया।
  • जांच में 9,200 नाम डुप्लीकेट पाए गए — कई नाम 2 से 5 बार तक अलग-अलग बूथों पर दर्ज थे।
  • अधिकतर डुप्लीकेट नाम एक ही विशेष वर्ग (संकेत मुस्लिम समुदाय की ओर) से जुड़े बताए गए।
  • उदाहरण: कुछ महिलाओं (उम्र 39-40 वर्ष) के नाम पिता के नाम पर दर्ज, जो अन्य बूथों पर भी मिले।
  • मंत्री ने इसे विपक्ष की साजिश बताया और कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में।

मंत्री की कार्रवाई:

  • बृहस्पतिवार (5 फरवरी 2026) को सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
  • जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) सत्येंद्र कुमार को पत्र सौंपा, जिसमें प्रत्येक बूथ की जांच, आधार से मैचिंग और कार्रवाई की मांग की।
  • कुछ बूथों के उदाहरण दिए:
    • बूथ 168: 46 डुप्लीकेट
    • बूथ 239: 102
    • बूथ 240: 63
    • बूथ 242: 101 आदि (कुल 9,200)।
  • साथ में भाजपा एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा और अन्य मौजूद रहे।

डीएम का जवाब:

  • डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि डुप्लीकेट नामों पर आपत्तियां आती रहती हैं और उनका निस्तारण किया जाता है।
  • जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी।

राजनीतिक संदर्भ:

  • यह मामला यूपी में चल रही SIR प्रक्रिया के बीच आया है, जिसमें लाखों नाम कटे हैं।
  • मंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया, कहा कि यह उनकी पार्टी का खेल है।
  • विपक्ष पहले से SIR में खास वर्ग के नाम कटने का आरोप लगा रहा था, लेकिन अब भाजपा मंत्री ने उल्टा दावा किया।

यह घटना वाराणसी में चुनावी तैयारी और वोटर लिस्ट की शुद्धता पर सियासी तनाव बढ़ा रही है। जांच के नतीजे आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।