
बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर के डिप्टी एमएस और एनेस्थीसिया विभाग में प्रोफेसर राजेश मीना और एक अज्ञात के खिलाफ शनिवार रोहनिया थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। अदालत के आदेश पर दर्ज मामले में आरोप है कि प्रोफेसर ने सात साल पहले 30 जुलाई 2019 को जितेंद्र यादव की हत्या की थी।
तब भी राजेश व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन पुलिस ने मामले की जांच की और इसे दुर्घटना बताकर एफआर लगा दी थी। इसके बाद मृतक के भाई ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए सीजेएम कोर्ट से कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
यह है पूरा मामला
सीजेएम कोर्ट में मृतक के भाई धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनके भाई जितेंद्र कुमार यादव हाईवे अस्पताल, चितईपुर में ऑपरेशन थियेटर सहायक के पद पर कार्यरत थे। इसी अस्पताल में बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजेश मीना नियमित रूप से आते थे। इसके चलते उनके भाई की डॉ. मीना से मुलाकात होती रहती थी।
धीरे-धीरे दोनों में अच्छी बातचीत होने लगी और वे अच्छे मित्र बन गए। आरोप है कि भाई ने अस्पताल में कार्यरत एक महिला नर्स और प्रोफेसर मीना का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इस बीच डॉ. मीना को पता चला कि वीडियो जितेंद्र यादव के पास है।
डॉ. मीना ने वीडियो हासिल करने के लिए साजिश रची और 30 जुलाई 2019 को उनके भाई को पिकनिक के बहाने अहरौरा डैम चलने को कहा फिर अस्पताल परिसर में बैठकर दो साथियों के साथ जितेंद्र को शराब पिलाई। इसके बाद चारपहिया वाहन में बैठाकर अहरौरा की ओर ले गए। वहां पहुंचकर वीडियो देने का दबाव बनाया। जितेंद्र ने वीडियो देने से मना कर दिया तो आरोपियों ने उसके भाई को जबरन बलपूर्वक डैम में फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
उस समय अस्पताल के सुपरवाइजर अभिषेक दुबे ने इस संबंध में आरोपियों की बात सुनी थी। हत्या की साजिश रची जा रही थी। अभिषेक ने जितेंद्र को गाड़ी में बैठाकर ले जाते देखा था लेकिन उन्होंने उस समय किसी से इस बात को साझा नहीं किया।
पुलिस ने मामला किया था रफा-दफा
पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया और घटना को दुर्घटना बता दिया। वह जानते थे कि उनका भाई कुशल तैराक था, जो दूसरों को प्रशिक्षण देता था, वह खुद कैसे डूब सकता है। इसी कारण वे सच्चाई का पता लगाने के लिए लोगों से लगातार मिलते रहे।
एक मई 2025 को उन्होंने डॉ. राजेश मीना से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उस समय डॉ. मीना नशे की हालत में थे और बातचीत के दौरान उन्होंने एक चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति की। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर उक्त वीडियो के लिए जितेंद्र की हत्या की थी। इस पर जब उन्होंने कोर्ट जाने की बात कही तो डॉ. मीना ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अब विवेचना की जाएगी।
