
कानपुर में अधिवक्ता राजाराम वर्मा ने मौत के दो साल पहले ही अपनी हत्या की आशंका जता दी थी, उन्हें जमीन के विवाद में हत्या किए जाने का डर था। उन्हें लगता था कि जमीन के विवाद में एनआरआई सिटी के निदेशक और अन्य लोग उनकी हत्या करा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने वर्ष 2019 में ही एंटी भूमाफिया सेल, डीएम कार्यालय, नवाबगंज थाने को भेजी ई-मेल में इसकी आशंका जता दी थी।
मजदूर डर कर भाग गए थे और काम बंद हो गया था
बाकी को साक्ष्य के अभाव में क्लीनचिट दे दी थी। इसके बाद राजाराम ने एक बार फिर आरोपियों के खिलाफ थाने से लेकर डीएम कार्यालय तक शिकायत की। इस बार उन्होंने लिखा था कि वह एनआरआई सिटी के अंदर अपनी कृषि योग्य भूमि पर मजदूरों से काम करा रहे थे। आरोप है कि तभी निदेशक, राम खिलावन और राजबहादुर ने मजदूरों को धमकाते हुए उनकी हत्या करवा देने की बात कही थी। इसके बाद मजदूर डर कर भाग गए थे और काम बंद हो गया था
आसाराम बापू के आश्रम से लेकर गेस्टहाउस तक कब्जा
कोतवाली इंस्पेक्टर के अनुसार कई विवादित जमीनों पर कब्जे की शिकायत आई है। यह शिकायत राजाराम के बेटे नरेंद्र देव ने की है। इनमें मैनावती मार्ग स्थित आशाराम बापू का आश्रम भी शामिल है। आरोप है कि आशाराम बापू के जेल जाने के बाद आरोपियों ने उनके आश्रम पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा कनक सोसाइटी, आम्रपाली सोसाइटी भी शामिल हैं।
केटीएल व नेक्सा यार्ड शोरूम पर कब्जे की शिकायत
इनकी जांच की जा रही है। इनके अलावा रेल बाजार थाना क्षेत्र स्थित राॅयल गार्डन गेस्ट हाउस के अलावा एनआरआई सिटी के पास स्थित नारायण हैरिटेज गेस्ट हाउस और सिंहपुर स्थित केटीएल व नेक्सा यार्ड शोरूम पर कब्जे की शिकायत है। मैनावती मार्ग पर एक और जमीन है। इस पर कई बड़े लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत पीड़ित पक्ष ने की है
राकेश ने बेड रेस्ट की बात कह मांगा 15 दिन का समय
बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को पुलिस ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, उन्होंने अपने वकील के माध्यम से नोटिस का जवाब देते हुए 15 दिन का समय मांगा है। विवेचक के अनुसार राकेश तिवारी का स्वस्थ खराब है। डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। इसके चलते उन्हाेंने 15 दिन तक पूछताछ के लिए आने थाने आने में असमर्थता जताई है।
