February 12, 2026

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चुनावी साल में हो सकती है तोहफों की बारिश, बढ़ सकती है इनकी पेंशन; खुलेंगे स्पोर्ट्स कॉलेज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज (11 फरवरी 2026) विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अपना दसवां बजट पेश कर रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आ रहा यह आखिरी पूर्ण बजट कई लुभावनी और जनकल्याणकारी घोषणाओं से भरा होने की उम्मीद है। बजट का आकार 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये तक अनुमानित है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक चौथाई हिस्सा खर्च होगा।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना आज सुबह 11 बजे सदन में बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट में निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचा और कल्याणकारी योजनाओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है।

मुख्य संभावित घोषणाएं और प्रावधान:

  • पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास निधि में भारी बढ़ोतरी: पिछले साल से करीब 700 करोड़ ज्यादा, कुल लगभग 1900 करोड़। 37 पिछड़े जिलों में तेज विकास का रोडमैप।
  • बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) को मोटा पैकेज: 56 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए धनराशि।
  • नए एक्सप्रेसवे: लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस को जोड़ने, जेवर एयरपोर्ट लिंक, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा।
  • पेंशन में बढ़ोतरी: निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों की सामाजिक पेंशन में 500 रुपये की संभावित वृद्धि।
  • शिक्षा मित्रों का मानदेय: 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 17-20 हजार रुपये किया जा सकता है। इसके लिए 250-275 करोड़ का प्रावधान संभावित।
  • मेधावी छात्राओं को स्कूटी: इस साल संकल्प पूरा होने की उम्मीद।
  • सड़कें और परिवहन: सड़कों के लिए 45 हजार करोड़ से ज्यादा, परिवहन सेवा के लिए 4700 करोड़, हवाई अड्डे और जलमार्ग के लिए 2500 करोड़
  • शिक्षा: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 1.10 लाख करोड़ से ज्यादा।
  • मेट्रो और शहरी विकास: मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़, सीएम शहरी विस्तारीकरण योजना के लिए 12 हजार करोड़
  • खेल और स्पोर्ट्स कॉलेज: खेलों के प्रोत्साहन के लिए 1000 करोड़। आगरा, मीरजापुर, देवीपाटन, झांसी, मुरादाबाद, अयोध्या, बरेली और अलीगढ़ में नए स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के लिए 25 करोड़ से ज्यादा प्रावधान संभावित।
  • गृह विभाग: साइबर अपराध पर अंकुश के लिए कुल 48 हजार करोड़ का प्रावधान।

बजट में स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और केंद्र की शी-मार्ट योजना को भी जगह मिल सकती है। सरकार का फोकस क्षेत्रीय संतुलन, रोजगार सृजन, निवेश और जनकल्याण पर है।

यह बजट न सिर्फ विकास का खाका पेश करेगा, बल्कि चुनावी साल में वोटरों को साधने के लिए भी कई सौगातें ला सकता है।