लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज (11 फरवरी 2026) विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अपना दसवां बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को बजट दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। अनुमानों के अनुसार इस बार बजट का आकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह बजट प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं, विकास की जरूरतों और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने इसे केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार की विकासशील सोच और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब बताया।
खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था, निवेश और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जो विश्वास कायम हुआ है, यह बजट उसी को और मजबूत करेगा। बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
बजट में इन क्षेत्रों को मिलेगी प्रमुख तवज्जो:
- कृषि और किसान कल्याण
- युवा सशक्तिकरण और रोजगार सृजन
- महिला सशक्तिकरण
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास
- औद्योगिक निवेश और पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी
- श्रमिक और वंचित वर्गों का कल्याण
- पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों का संतुलित विकास
वित्त मंत्री ने इसे उन लोगों के लिए ठोस जवाब बताया जो यूपी के विकास पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश अब निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और यह बजट उस यात्रा को नई रफ्तार देगा।
बजट सत्र से पहले कैबिनेट की बैठक भी हो चुकी है। विधानसभा में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने आराध्य की आराधना की और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
यह बजट विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आ रहा है, ऐसे में इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं, पेंशन बढ़ोतरी, खेल सुविधाओं और अन्य लोकलुभावन घोषणाओं की संभावना भी जताई जा रही है।

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